शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए एक ऐतिहासिक और स्वागत योग्य निर्णय लिया है। एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा रहीं हिमाचल की बेटी रितु नेगी को अब राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
हरियाणा में विवाह होने के कारण उनकी पात्रता को लेकर कुछ तकनीकी संशय बना हुआ था, जिसे अब मंत्रिमंडल ने पूरी तरह दूर कर दिया है।
एशियाई खेलों में देश के लिए पदक जीतने वाली हिमाचल की अन्य खिलाड़ियों—पुष्पा राणा, भावना और ज्योति ठाकुर—को पहले ही राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की राशि दिए जाने की घोषणा और प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। हालांकि, रितु नेगी की शादी हरियाणा में होने के कारण उन्हें यह सम्मान मिलने को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। इस मुद्दे को विभिन्न मंचों पर प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, शनिवार को आयोजित उच्चस्तरीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर स्थिति स्पष्ट की गई और उन्हें भी अन्य खिलाड़ियों की तर्ज पर एक करोड़ रुपये देने का आधिकारिक निर्णय लिया गया।
इस मामले के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों के खिलाड़ियों के लिए मिलने वाले नकद पुरस्कारों के नियमों में भी बड़ा संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से भविष्य में टीम स्पर्धाओं (Team Events) में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी व्यक्तिगत पदक विजेताओं के बराबर नकद पुरस्कार मिलने का कानूनी और प्रशासनिक रास्ता साफ हो गया है।
बराबर हिस्सेदारी या आनुपातिक वितरण: संशोधित प्रावधानों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में पदक जीतने वाली भारतीय टीम के हिमाचल के सभी पात्र खिलाड़ियों के बीच पुरस्कार राशि बराबर बांटी जा सकती है। इसके तहत प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के निर्धारित नकद पुरस्कार के बराबर राशि मिल सकेगी।
न्यूनतम 25 प्रतिशत का प्रावधान: यदि पुरस्कार राशि का आनुपातिक वितरण किया जाता है, तो भी यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित नकद पुरस्कार का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा अवश्य मिले।
खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और खेल व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी के नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उभरते हुए खिलाड़ियों को भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए बड़ा संबल और प्रेरणा प्राप्त होगी।