ऋषि महाजन/नूरपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए साफ कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी इन चुनावों में अपने उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी।
फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के जखबड़ में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव करवाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने जो कहा था, वो किया है। पंचायत चुनाव समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाएंगे। हमारा लक्ष्य लोकतंत्र को और मजबूत करना और जनता का भरोसा कायम रखना है।” उन्होंने दोहराया कि पंचायत स्तर पर हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने की स्वतंत्रता दी जाएगी और कांग्रेस किसी भी प्रकार की आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं करेगी।
सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और पंचायत चुनावों को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस किसी का अधिकार नहीं छीनेगी। हर व्यक्ति को समान अवसर मिलेगा, यही हमारी नीति है।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए “हिमकेयर योजना” में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर प्रदेश के संसाधनों का दुरुपयोग किया गया, जिससे राज्य को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सभी योजनाओं को पारदर्शी बनाया है और भ्रष्टाचार पर सख्ती से लगाम लगाई गई है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा केवल मुद्दे बनाने में लगी रही, जबकि उनकी सरकार ने विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी है। “हमने जनता से किए वादों को निभाया है और आगे भी विकास की गति को जारी रखेंगे,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री के इस बयान को पंचायत चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।