शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में हुए सनसनीखेज मनीषा मित्तल हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस तफ्तीश और सोशल मीडिया के दायरे में आए एक लाइव सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने इस जघन्य वारदात की खौफनाक हकीकत को सामने रख दिया है।
इस फुटेज में चेहरे पर मास्क और हुडी लगाए दो शूटर सरेआम वारदात को अंजाम देते साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस रिमांड के दौरान इस वीडियो साक्ष्य के सामने आने से अब मामले की कड़ियां और पुख्ता हो गई हैं।
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चेहरे पर मास्क लगाए दोनों शूटर संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के मुख्य गेट नंबर-1 के बाहर पहले से ही मनीषा मित्तल का इंतजार कर रहे थे। वे पूरी तैयारी के साथ वहां घात लगाकर बैठे थे।
जैसे ही स्कूल की संचालिका/कार्यकारी अधिकारी मनीषा मित्तल स्कूल परिसर में दाखिल होने के लिए मुख्य गेट के पास पहुंचीं, दोनों हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब (पॉइंट ब्लैंक रेंज) से उन पर कई राउंड फायर किए।
मनीषा मित्तल को सिर में लगभग 3 से 4 गोलियां लगीं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ीं और उनकी जान चली गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर मुख्य सड़क के बजाय लिंक रोड का इस्तेमाल करते हुए मौके से फरार हो गए थे।
इस जघन्य हत्याकांड के बाद शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों (CCTV फुटप्रिंट्स) का पीछा करते हुए वारदात के महज 40 घंटे के भीतर दोनों मुख्य शूटरों को हरियाणा से दबोच लिया था।
आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हरियाणा नंबर की कार में हिमाचल प्रदेश की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उनके पास से हथियार भी बरामद किए जा चुके हैं।
हत्या के बाद मृतका मनीषा मित्तल का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह स्पष्ट रूप से अपनी जान को खतरा बताते हुए कह रही हैं कि उनका सगा भाई हिमांक मित्तल उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा है।
जांच में सामने आया है कि मृतका मनीषा मित्तल का अपने भाई हिमांक मित्तल (निवासी रोहतक) के साथ सरस्वती पैराडाइज स्कूल के मालिकाना हक, संचालन और प्रबंधन समिति को लेकर लंबे समय से गंभीर कानूनी व पारिवारिक विवाद चल रहा था।
फिलहाल, पुलिस इस वायरल वीडियो और भाई के बयानों को मुख्य साक्ष्य मानकर मामले की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, भाई हिमांक मित्तल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि उन पर भी कुछ दिन पहले हमला हुआ था और स्कूल पर कई अन्य बाहरी लोगों की भी नजर थी।
पुलिस इस पूरे षड्यंत्र, इसके पीछे के असली मास्टरमाइंड और इस मर्डर के मुख्य मोटिव (उद्देश्य) को पूरी तरह बेनकाब करने के लिए जांच का दायरा बढ़ा चुकी है।