धर्मशाला। विशेष न्यायाधीश एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 कांगड़ा राजेश चौहान की अदालत ने तत्कालीन बागवानी विस्तार अधिकारी लोहारड़ी प्रकाश चंद निवासी कंडी डाकघर खड़ा नाल बैजनाथ जिला कांगड़ा को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत दो साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने धारा 409, 467, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2-2 साल और 10000-10000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
बड़ा बंगाल बैजनाथ निवासी रिछू राम ने 2004-2005 में एसपी विजिलेंस धर्मशाला को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत के अनुसार बड़ा बंगाल में किसानों को बागवानी तकनीकी मिशन के तहत फलों के पौधे बांटे गए।
उक्त वृक्षारोपण के लिए कृषकों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाना था, लेकिन किसानों को किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी गई और फर्जी रसीदें बनाई गईं।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले में जांच की जांच के बाद तत्कालीन बागवानी विस्तार अधिकारी लोहारड़ी प्रकाश चंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामले की जांच में पाया गया कि आरोपी प्रकाश चंद ने किसानों की ओर से सब्सिडी देने के लिए आवेदनों पर उनके हस्ताक्षर जाली करके झूठे और जाली आवेदन तैयार किए।
दोषी प्रकाश चंद ने विभाग द्वारा किसानों को सब्सिडी के भुगतान के रूप में जारी किए गए बियरर चेक का दुरुपयोग किया। चेक पर उनके हस्ताक्षर जाली करके बैंक से नकद प्राप्त कर लिया और उस पैसे का अपने इस्तेमाल के लिए इस्तेमाल किया।
इस तरह से दोषी प्रकाश चंद ने आपराधिक विश्वासघात किया और किसानों को सब्सिडी के रूप में दी गई 182000 रुपये की राशि का गबन किया और अपने निजी उद्देश्य के लिए उसका दुरुपयोग किया। यह जानकारी जिला न्यायवादी विजिलेंस देवेंद्र चौधरी ने दी है।