ऋषि महाजन/नूरपुर। हिमाचल प्रदेश कांगड़ा जिला की गंगथ उप-तहसील भवन निर्माण के लिए चयनित भूमि को लेकर विरोध शुरू हो गया है। करीब 13 पंचायतों ने इसको लेकर कड़ा विरोध जताया है। पंचायत प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि विवादित भूमि पर भवन निर्माण हुआ तो ग्रामीण सख्त कदम उठाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। इसको लेकर लोग नायब तहसीलदार गंगथ से मिले और अपनी बात उनके समक्ष रखी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पंचायतों की सहमति के घनी आबादी वाले क्षेत्र में एकमात्र सार्वजनिक भूमि को राजस्व विभाग को ट्रांसफर कर दिया गया। यह भी आरोप है कि यह भूमि कुछ लोगों के कहने पर चयनित की गई। जब ग्रामीणों को इस बात का पता चला तो विरोध शुरू कर दिया। चयनित भूमि तंग गली में स्थित है, जहां दो छोटे वाहन भी नहीं गुजर सकते हैं। आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ी वहां नहीं पहुंच पाएगी। साथ ही बस स्टैंड से 300 मीटर दूर होने के कारण बच्चों और बुजुर्गों को पहुंचने में परेशानी होगी।
इन पंचायतों ने जताया विरोध
विरोध जताने वालों में गंगथ, रप्पड़, अनोह, मंदोली, अटाहड़ा, भलाख, धनेटी गारलां, घेटा, चरूड़ी, मकड़ोली, डागला, लोधवां और चलोह पंचायतों के प्रधान शामिल हैं। सभी ने एकजुट होकर मांग की है कि मौजूदा उप-तहसील कार्यालय के स्थान पर ही भवन निर्माण हो या साथ लगती डीसी लैंड पर बहुमंजिला भवन का निर्माण करवाया जाए, ताकि लोगों को सुविधा मिले।
वहीं, नायब तहसीलदार गंगथ प्रवेश कुमार शर्मा ने कहा कि लोगों की मांग को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा।