ऋषि महाजन/नूरपुर/कांगड़ा। इन दिनों नशा तस्करी के लिए कूरियर सेवा का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरह की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग अलर्ट हो गया है। चिट्टा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए जिला कांगड़ा पुलिस और पुलिस जिला नूरपुर अब एक्शन मोड में है।
'एंटी चिट्टा अभियान' के अंतर्गत शनिवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिलेभर के वेयरहाउस और कूरियर सर्विस सेंटरों को खंगाला, ताकि बाहरी राज्यों से होने वाली नशीले पदार्थों की सप्लाई पर लगाम कसी जा सके।
कांगड़ा जिला पुलिस ने विभिन्न वेयरहाउस एवं कूरियर सेवा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कूरियर एवं लॉजिस्टिक माध्यमों से नशीले पदार्थों, प्रतिबंधित दवाइयों तथा अन्य अवैध सामग्री की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना, संदिग्ध पार्सलों की गहन जांच सुनिश्चित करना तथा संबंधित संस्थानों द्वारा निर्धारित सुरक्षा एवं वैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना है।
वहीं, नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस जिला नूरपुर ने भी शनिवार को कूरियर सेवा प्रदाताओं, गोदामों (वेयरहाउस) और पार्सल डिलीवरी नेटवर्क की सघन जांच की। राज्य स्तरीय विशेष अभियान (फेज-2, पार्ट-1) के तहत स्थानीय पुलिस, सीआईए और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने पुलिस जिला के विभिन्न क्षेत्रों में कूरियर कार्यालयों और हब का निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान जिन क्षेत्रों में कूरियर गोदाम उपलब्ध नहीं थे, वहां डिलीवरी बॉय के बैग और पार्सलों की भी बारीकी से जांच की गई। पुलिस टीमों ने कूरियर केंद्रों के बुकिंग रजिस्टर, पार्सल रिकॉर्ड, स्टोरेज एरिया, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली, लॉगबुक, सुरक्षा दस्तावेजों और ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड का सत्यापन किया।
इस दौरान कूरियर प्रबंधकों, प्रभारियों और डिलीवरी स्टाफ को रिकॉर्ड पारदर्शी रखने तथा किसी भी संदिग्ध पार्सल या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देने के निर्देश दिए गए।
पूरे दिन चले इस विशेष अभियान के दौरान किसी भी कूरियर केंद्र, गोदाम या पार्सल से नशीला पदार्थ, साइकोट्रोपिक पदार्थ अथवा अन्य कोई प्रतिबंधित या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। सभी स्थानों पर व्यवस्था सामान्य पाई गई और नियमों के उल्लंघन का कोई मामला सामने नहीं आया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला नूरपुर ने बताया कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने और कूरियर सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण और सतर्कता अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।