ऋषि महाजन/जवाली। कांगड़ा जिला में थाना जवाली के तहत गांव घेली में तीन जुलाई को हुई मां-बेटी की संदिग्ध मौ*त के मामले में पुलिस की तफ्तीश लगातार तेज होती जा रही है।
शनिवार को पुलिस की एक विशेष टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके का दोबारा बेहद बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि, इस गहन तलाशी के दौरान मौके से कोई भी विषैला पदार्थ, रासायनिक सामग्री या दवा की खाली शीशी जैसी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ (SDPO) जवाली ने खुद मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने अब तक सामने आए तमाम तथ्यों और सबूतों का बारीकी से सत्यापन किया ताकि जांच में कोई कमी न रह जाए।
इस केस में शनिवार को एक बड़ा मोड़ तब आया जब जांच के दौरान एक अहम गवाह ने मृतकों से जुड़ी कुछ बेहद महत्वपूर्ण सामग्री पुलिस के हवाले की। पुलिस ने नियमानुसार जब्ती मेमो (Seizure Memo) बनाकर इस सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है।
एक हस्तलिखित पत्र
मृतका की हैंडराइटिंग वाली एक नोटबुक
एक मोबाइल फोन
अन्य जरूरी भौतिक साक्ष्य
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि दोनों शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा (Visra) को सुरक्षित तरीके से प्राप्त किया जा रहा है। मामले की तह तक जाने के लिए बरामद मोबाइल फोन, हस्तलिखित डायरी और अन्य सभी भौतिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक परीक्षण और विशेषज्ञ राय के लिए आरएफएसएल (RFSL) धर्मशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत वैधानिक कार्रवाई अमल में ला रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट (FSL Report) और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।