ऋषि महाजन/नूरपुर। हिमाचल प्रदेश के कैहरियां-बस अड्डा जवाली मार्ग की खस्ता हालत को लेकर सोमवार को क्षेत्र के दुकानदारों व मेडिकल संचालकों का गुस्सा फूट पड़ा।
पूर्व पार्षद रवि कुमार सहित भरत अग्रवाल, रमेश शर्मा, राहुल, लहरी राम, अमित कुमार, विपिन, बीके समेत अन्य दुकानदारों ने कृषि मंत्री चंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद ज्वाली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराया।
दुकानदारों का आरोप है कि इस मार्ग को जानबूझकर पक्का नहीं किया जा रहा, जबकि यहां से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़े हैं, जिनमें घरों से निकलने वाला गंदा पानी भर जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही है और राहगीरों व दुकानदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दुकानदारों ने बताया कि गड्ढों में भरे पानी के कारण वाहन गुजरते समय पानी उछलकर दुकानों के भीतर चला जाता है, जिससे दुकानों में गंदगी फैल रही है। मजबूरी में दुकानदारों को खुद ही इन गड्ढों को मिट्टी और पत्थरों से भरना पड़ा है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह मार्ग अस्पताल से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय व्यापारियों ने सवाल उठाया कि इसी मार्ग से रोजाना कृषि मंत्री चंद्र कुमार और सरकारी तंत्र की गाड़ियां गुजरती हैं, बावजूद इसके सड़क की हालत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि गड्ढों के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
दुकानदारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी।