सरकाघाट। मंडी जिला के सरकाघाट के गोपालपुर में कॉलेज छात्रा सिया हत्याकांड में पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी की तबीयत बिगड़ गई है जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
डीएसपी संजीव गौतम ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी का इलाज चल रहा है और उसकी मानसिक स्थिति की भी जांच करवाई जाएगी।
इसके अलावा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है और प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण सनक माना जा रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी अन्य पहलू के संकेत नहीं मिले हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अपने साथ दराट रखता था। इसी को उसने हत्या में इस्तेमाल किया। पुलिस ने दराट बरामद कर लिया है। घटना वाले दिन भी वह दराट लेकर ही पहुंचा और छात्रा पर अचानक हमला कर दिया।
उस समय छात्रा फोन पर अपनी सहेली से बात कर रही थी, जिससे वह हमले को भांप नहीं सकी। छात्रा को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के तुरंत बाद आरोपी घबराकर मौके से भाग गया। पुलिस के पुख्ता सूत्रों की मानें तो एक महिला ने यह पूरी घटना देखी है। यही महिला इस पूरे मामले में अहम कड़ी है।
पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस टीम आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। शुरुआती पूछताछ में किसी पुरानी रंजिश या विवाद की पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपी की मानसिक स्थिति और उसकी दिनचर्या को भी जांच के दायरे में लिया गया है। आरोपी के बारे में कई चीजें सामने आ रही हैं। इन्हें पुलिस वैरिफाई कर रही है। इसके अलावा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। इसमें काफी तथ्य साफ होंगे। पुलिस इस पूरे मामले में जांच को पुख्ता करने के लिए तकनीकी तौर पर भी तथ्य जुटा रही है।
बता दें कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी चेहरे को ढके हुए नजर आया। एक बाइक भी वहां से निकली। इस बाइक पर दंपती सवार था। जब दंपती से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी युवक वहां से गुजरा था। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान हुई और वहां से लोगों को भी इनपुट मिला और फिर टोलियों में लोगों ने आरोपी की तलाश की और एक नाले के पास से उसे दबोच लिया।
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच-पड़ताल की जा रही है। पुलिस रिमांड अवधि के दौरान सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पूछताछ की जाएगी।
बता दें कि मंगलवार को सिया का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच किया गया। चचेरे भाई दिव्यांश ने मुखाग्नि दी। परिवार में शोक की लहर है और सिया की तीन अन्य बहनें हैं।