राकेश चंदेल/बिलासपुर। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित सातवीं स्वात एशियाई चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया।
प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमखम दिखाते हुए 2 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 9 पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि से पूरे हिमाचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्रतियोगिता में हिमाचल के खिलाड़ियों ने कड़ी मेहनत और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में वरुण वालिया और सपना (बल्ह) शामिल रहे, जिन्होंने अपने मुकाबलों में विरोधियों को करारी शिकस्त देकर शीर्ष स्थान हासिल किया। यह सफलता प्रदेश में खेल प्रतिभा के उभरते स्तर को दर्शाती है।
हिमाचल के खिलाड़ियों ने केवल स्वर्ण ही नहीं, बल्कि 6 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूती का परिचय दिया। रजत पदक जीतने वालों में होमनी (सिराज), रेखा (साइगलु), काव्यांशी, अमर चंद (बल्ह), ऋषव शर्मा (सरकाघाट) और सूर्य प्रताप सिंह कटवाल (मंडी सदर) शामिल रहे। वहीं राहुल (चैलचौक) ने कांस्य पदक हासिल किया। सभी खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों में जुझारूपन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने पदक जीतकर मंच पर भारत और हिमाचल का परचम लहराया। इस अवसर पर संस्थापक सुखविंद्र सिंह, महासचिव परमजीत कौर, अध्यक्ष हंसराज और भारतीय महिला कोच संतोषी शर्मा भी मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
हिमाचल प्रदेश स्वात संघ के प्रधान मदन लाल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खिलाड़ियों, कोच संतोषी शर्मा तथा सहयोगी स्टाफ अमर चंद और पंकज कुमार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश में स्वात खेल के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और आने वाले समय में खिलाड़ी बड़े मंचों पर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, वह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। इस उपलब्धि से प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी और युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे।