नूरपुर। पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के सौदागरों के विरुद्ध अपनाई गई "जीरो टॉलरेंस" नीति और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आज एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है।
माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC), इंदौरा की अदालत ने मादक द्रव्य अधिनियम (NDPS Act) के एक मामले में दोषी को सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में थाना इंदौरा के अंतर्गत संजीव कुमार उर्फ प्रिंस पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर 3, डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को 3.90 ग्राम हेरोइन/चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया था । पुलिस टीम द्वारा मामले की गहन जाँच अमल में लाई गई और पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
माननीय न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आज दिनांक 05-03-2026 को संजीव कुमार को दोषी करार देते हुए 01 वर्ष का कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास दिया जाएगा।
दोषी संजीव कुमार एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध डमटाल और इंदौरा क्षेत्रों में चोरी, मारपीट, अवैध शराब की तस्करी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 13 आपराधिक मामले (FIR) दर्ज हैं । इस सजा से क्षेत्र में सक्रिय नशे के कारोबारियों को एक सख्त संदेश गया है।
नूरपुर पुलिस आम जनता से अपील करती है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ सांझा करें । अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए हिमाचल पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।