शिमला। हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बसों का न्यूनतम किराया बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
कैबिनेट ने किराया बढ़ाने के फैसले पर मुहर लगाते हुए न्यूनतम किराया पांच रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए करने का फैसला लिया है।
उद्य़ोग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऑपरेटर्स की मांग को देखते हुए ये फैसला लिया है।
इसके अलावा बैठक में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के लिए मौजूदा मासिक वजीफा 60,000-65,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार, सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) के लिए वजीफा 60,000-65,000 रुपये से बढ़ाकर 1,30,000 रुपये प्रति माह किया गया है।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (डॉ.) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में राज्य भर में रोगी कल्याण समिति को मजबूत करने के लिए गठित कैबिनेट उप-समिति की सिफारिशों को भी मंजूरी दी गई।
समिति ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उच्च तकनीक प्रयोगशालाओं की स्थापना और अनाथों, विधवाओं और उनके आश्रित बच्चों, एकल नारी और निराश्रित महिलाओं को सभी 133 लैब टेस्ट और एक्स-रे सुविधाओं सहित मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने की सिफारिश की। इन तीन नई श्रेणियों के शामिल होने से, मुफ्त निदान सेवाओं के लिए पात्र लाभार्थी श्रेणियों की कुल संख्या 11 से बढ़कर 14 हो जाएगी।
कैबिनेट ने शेष लगभग 400 खुदरा शराब की दुकानों की व्यक्तिगत आधार पर तत्काल फिर से नीलामी को मंजूरी दे दी।
इसके अतिरिक्त, इसने होटल वाइल्डफ्लावर हॉल, मशोबरा के अंतरिम संचालन के लिए ईआईएच लिमिटेड के साथ एक प्रबंधन सेवा अनुबंध में प्रवेश करने को मंजूरी दे दी, जिससे राज्य के लिए 1.77 करोड़ रुपये का मासिक राजस्व सुनिश्चित होगा और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी या बोली प्रक्रिया के माध्यम से एक नया ऑपरेटर चुने जाने तक संपत्ति को खराब होने से बचाया जा सकेगा।