शिमला। अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले हिमाचल प्रदेश के धुरंधर खिलाड़ियों को राज्य सरकार एक भव्य समारोह में सम्मानित करने जा रही है।
आगामी 30 अक्तूबर को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक पीटरहॉफ में इस विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पदकवीर खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और स्मृतिचिह्न भेंट किए जाएंगे। इसके साथ ही, खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी से जुड़े नियुक्ति पत्र या दस्तावेज सौंपने की भी पूरी तैयारी है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में खेल मंत्री, मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और खेल जगत की नामचीन हस्तियां विशेष रूप से मौजूद रहेंगी।
सरकार की ओर से जारी रूपरेखा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय फलक पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके सात प्रमुख खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये की धनवर्षा होगी।
मंडी जिले के धावक सावन बरवाल को पुरुषों की लंबी दूरी की दौड़ में शानदार रजत पदक हासिल करने के लिए ढाई करोड़ रुपये की भारी-भरकम पुरस्कार राशि से नवाजा जाएगा। वहीं, चंबा की प्रतिभावान एथलीट सीमा कुमारी को महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर डेढ़ करोड़ रुपये मिलेंगे।
महिला खिलाड़ियों का दबदबा इस सम्मान सूची में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। हाल ही में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाली हिमाचल की होनहार बेटियों को सरकार ने एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इस गौरवशाली सूची में टीम की कप्तान रितु नेगी, रक्षा पंक्ति की दीवार समझी जाने वाली पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओर से खेलते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाली हिमाचल की स्टार तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इन सातों खिलाड़ियों की कुल पुरस्कार राशि नौ करोड़ रुपये बैठती है, जबकि रिपोर्ट के अनुसार कुल बांटी जाने वाली राशि नौ करोड़ तीन लाख रुपये है। शेष तीन लाख रुपये की राशि से जुड़े अन्य खिलाड़ी के नाम की पुष्टि के बाद उसे भी जल्द सूची में जोड़ा जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में किए गए इन ऐतिहासिक इजाफे का मुख्य उद्देश्य खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करना है। नई खेल नीतियों के जरिए सरकार का यह प्रयास प्रदेश के खिलाड़ियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ खेल क्षेत्र में हिमाचल को देश का सिरमौर राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।