शिमला। दुर्गम पहाड़ियों, घुमावदार रास्तों और घंटों के लंबे थकाऊ सफर से जूझने वाले हिमाचलवासियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से रामपुर और आगे किन्नौर के रिकांगपिओ तक हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत की गई है।
केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना 'उड़ान' (UDAN) के तहत शुरू की गई यह सेवा न केवल दूरी को समय में समेटेगी, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
सड़क मार्ग से शिमला से रामपुर और किन्नौर की दूरी तय करने में समय, मौसम और ट्रैफ़िक की चुनौतियाँ हमेशा बनी रहती थीं। नई हवाई सेवा से यात्रियों को एक तेज़ और सुरक्षित विकल्प मिल गया है:
संजौली (शिमला) से रामपुर: मात्र 35 मिनट में।
संचालन दिन: सप्ताह में 3 दिन — सोमवार, शुक्रवार और शनिवार।
ऑपरेटर: पवन हंस लिमिटेड (Pawan Hans Limited)
मार्ग (Route) प्रस्थान (Departure) आगमन (Arrival)
संजौली ➔ रामपुर सुबह 09:55 बजे सुबह 10:30 बजे
रामपुर ➔ रिकांगपिओ सुबह 10:50 बजे सुबह 11:25 बजे
रिकांगपिओ ➔ रामपुर (वापसी) सुबह 11:30 बजे दोपहर 12:05 बजे
रामपुर ➔ संजौली (वापसी) दोपहर 12:10 बजे दोपहर 12:45 बजे
पर्यटन को नई गति: रामपुर बुशहर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, जबकि किन्नौर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। जो पर्यटक कम समय में दूरदराज के प्राकृतिक स्थलों का अनुभव करना चाहते हैं, उनके लिए यह हवाई सेवा वरदान साबित होगी।
स्थानीय निवासियों को सहूलियत: प्रशासनिक कार्यों, उच्च शिक्षा, व्यापारिक प्राथमिकताओं और चिकित्सा जरूरतों के लिए राजधानी शिमला पहुँचने वाले ग्रामीण व जनजातीय लोगों का बहुमूल्य समय बचेगा।
जनसंवाद का परिणाम: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रामपुर दौरे के दौरान स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनकर इस सेवा को शुरू करने का निर्णय लिया।
पहाड़ी राज्यों में कोई भी योजना तभी धरातल पर सफल होती है जब वह आम जनता की पहुँच में हो। इस हेलीकॉप्टर सेवा का दीर्घकालिक लाभ तभी मिलेगा जब -
उड़ानों का संचालन मौसम की अनुकूलता के साथ नियमित हो।
टिकट का किराया किफायती और आम नागरिकों के बजट में हो।
बुकिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो।