मैहतपुर। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के मैहतपुर में उस समय हर आंख नम हो गई और पूरा माहौल चीख-पुकार से गूंज उठा, जब मोहाली के भारतमाला हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में मौत का ग्रास बने जैन परिवार के बेटे और बहू की अर्थियां एक साथ उठीं। इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक पड़ीं और पूरा क्षेत्र गहरे शोक में डूब गया।
जानकारी के अनुसार, मैहतपुर के जाने-माने उद्योगपति शम्मी जैन के पुत्र प्रत्युष जैन कनाडा में रहते थे और कुछ समय पहले ही वह अपने वतन भारत लौटे थे। भारत लौटने के बाद इसी साल मार्च महीने में परिवार ने बड़े अरमानों के साथ उनकी शादी हर्षिता जैन से करवाई थी। दोनों अपनी नई जिंदगी की शुरुआत ही कर रहे थे, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था।
भाग्य की क्रूर विडंबना देखिए कि यह नवविवाहित जोड़ा एक समारोह से वापस लौट रहा था। इसी दौरान मोहाली में भारतमाला हाईवे पर उनकी गाड़ी एक जबरदस्त सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस सफर में उनकी गाड़ी में एडवोकेट सुरेश ऐरी भी सवार थे। हादसा इतना भयानक था कि प्रत्युष जैन, हर्षिता जैन और एडवोकेट सुरेश ऐरी तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हृदय विदारक विदाई: पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब प्रत्युष और हर्षिता की पार्थिव देह एक साथ मैहतपुर स्थित उनके निवास स्थान पर पहुंची, तो वहां कोहराम मच गया। परिजनों का क्रंदन और विलाप इतना मार्मिक था कि सांत्वना देने पहुंचे सैंकड़ों लोगों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
इसके बाद मैहतपुर से भभौर स्थित श्मशानघाट के लिए दोनों की शव यात्रा एक साथ निकली, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में गमगीन लोग भारी मन से शामिल हुए। श्मशानघाट में दोनों को एक साथ मुखाग्नि देकर नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व विधायक ओपी रतन सहित कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी पहुंचे।
इसी खौफनाक हादसे में काल का ग्रास बने तीसरे व्यक्ति एडवोकेट सुरेश ऐरी को वीरवार अंतिम विदाई दी जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक, एडवोकेट ऐरी के बेटे कनाडा में रहते हैं और उनके भारत पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार की सभी हिंदू रस्में पूरी की जाएंगी।