ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा जिला के फतेहपुर में आधुनिक एफडीआर यानी फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक से बनाई जा रही फतेहपुर–मैरा पल्ली सड़क का निर्माण कार्य करीब एक साल होने को है, लेकिन आज भी अधूरा पड़ा है।
सड़क उखाड़े जाने के बाद अब तक तारकोल बिछाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। नतीजा यह है कि रोजाना हजारों लोग धूल, गड्ढों और कीचड़ के बीच सफर करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि नई तकनीक का विरोध नहीं है, लेकिन काम समय पर पूरा होना चाहिए। देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।
लोक निर्माण विभाग मंडल एवं उपमंडल फतेहपुर के तहत फतेहपुर से जवाली विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली फतेहपुर–मैरा पल्ली सड़क पर करीब एक साल पहले एफडीआर तकनीक से निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि आधुनिक तकनीक से उन्हें मजबूत और टिकाऊ सड़क मिलेगी, लेकिन आज भी तारकोल बिछाने का काम पूरा होने का इंतजार बना हुआ है।
करीब एक साल होने को है, लेकिन सड़क का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ। रोजाना हजारों लोग इसी सड़क से गुजरते हैं। धूल और गड्ढों के कारण सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। हमारी विभाग से मांग है कि इस सड़क का निर्माण जल्द पूरा किया जाए।
फतेहपुर और जवाली विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इसी सड़क से स्कूली बच्चे, मरीज, कर्मचारी, किसान, व्यापारी और अन्य लोग आवाजाही करते हैं। बरसात में सड़क कीचड़ से भर जाती है, जबकि धूप में उड़ने वाली धूल लोगों की परेशानी और बढ़ा देती है। सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
नई तकनीक का हमें कोई विरोध नहीं है, लेकिन काम समय पर होना चाहिए। इससे तो पहले वाली सड़क ही बेहतर थी। कम से कम उस पर तारकोल बिछा था और सफर हो जाता था। अब तो सड़क पूरी तरह उखड़ी पड़ी है।
एफडीआर तकनीक सड़क निर्माण की आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक मानी जाती है। इसमें पुरानी सड़क की सामग्री को मशीनों से रीसाइक्लिंग कर मजबूत आधार तैयार किया जाता है और उसके बाद सड़क पर तारकोल की नई परत बिछाई जाती है। लेकिन लोगों का कहना है कि जब निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं होता तो आधुनिक तकनीक का लाभ भी जनता तक नहीं पहुंच पाता।
धूल इतनी उड़ती है कि घरों और दुकानों तक पहुंच जाती है। बरसात में कीचड़ और गड्ढों से वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। करीब एक साल होने को है, लेकिन आज भी सड़क अधूरी पड़ी है। विभाग को इस काम में तेजी लानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। अधूरी सड़क के कारण आम लोगों के साथ-साथ मजदूरों और व्यापारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर जल्द सड़क पर तारकोल बिछाने का काम पूरा किया जाए।
काम पूरा होने में बहुत देर हो गई है। सड़क खराब होने से आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। हमारी मांग है कि सड़क पर जल्द तारकोल बिछाकर लोगों को राहत दी जाए।
वहीं, इस मामले में लोक निर्माण विभाग का कहना है कि लोगों की परेशानी को देखते हुए संबंधित ठेकेदार को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
आधुनिक तकनीक से बनने वाली इस सड़क से क्षेत्र के लोगों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन करीब एक साल होने को है और काम आज भी अधूरा है। अब लोगों की निगाहें लोक निर्माण विभाग के उस आश्वासन पर टिकी हैं, जिसमें जल्द निर्माण पूरा करने की बात कही गई है। देखना होगा कि लोगों का इंतजार आखिर कब खत्म होता है और फतेहपुर-मैरा पल्ली सड़क पर सफर कब आसान बनता है।