Breaking News

  • घट्टा टोल प्लाजा पर टोल बढ़ोतरी : जिला कांगड़ा प्राइवेट बस ऑपरेटर भड़के, अन्याय दिया करार
  • HPRCA : शारीरिक शिक्षा अध्यापक और संस्कृत शिक्षक की भर्ती परीक्षा की डेट फाइनल
  • HPRCA ने घोषित किया मेडिकल सोशल वर्कर की भर्ती परीक्षा का परिणाम
  • HPRCA : जेई सिविल की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन इस दिन
  • हिमाचल के युवाओं के लिए UAE में इलेक्ट्रीशियन और फिटर की नौकरी, 14 तक करवाएं पंजीकरण
  • प्रकृति का डरावना रूप : संजौली-ढली मार्ग पर हुआ भारी भूस्खलन, बाल-बाल बचे वाहन चालक
  • हिमाचल में चालान 2 पे पहल का आगाज, सरकारी कार्यालयों के चक्कर से मिलेगी निजात
  • अटल टनल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु : इंजीनियरिंग कौशल को सराहा, हिडिंबा मंदिर में की पूजा-अर्चना
  • हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती, PST, PET की तिथियां जारी, एक लाख से अधिक अभ्यर्थी बुलाए
  • UAE की कंपनी में नौकरी : सिक्योरिटी गार्ड, बैगेज लोडर और क्लीनर के लिए कांगड़ा में 8 अक्टूबर को इंटरव्यू

त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में 'मिठास' गायब : बढ़े दाम, जानें आपके बजट पर क्या पड़ेगा असर

ewn24 news choice of himachal 22 Aug,2026 8:25 pm


    शिमला। देश में आगामी त्योहारों (दशहरा, दिवाली) से ठीक पहले चीनी की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई और अगस्त के दौरान चीनी के खुदरा और थोक दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    कीमतों में कितनी हुई बढ़ोतरी?


    खुदरा दाम (Retail Price): जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत लगभग ₹48.18 प्रति किलो थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ₹58 प्रति किलो तक पहुंच गई है। कई स्थानीय बाजारों में यह ₹60 से ₹65 प्रति किलो तक भी बिक रही है।

    थोक और एक्स-फैक्ट्री रेट (Wholesale Rate): चीनी मिलों (ex-factory) के रेट ₹4,500 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹5,400–₹5,800 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। यानी थोक बाजार में ही कीमतों में करीब 20 से 30 फीसदी तक की तेजी आई है।

    दाम बढ़ने के मुख्य कारण


    उत्पादन में गिरावट: अत्यधिक बारिश, जलभराव और गन्ने की फसल में बीमारियां (रेड रॉट और टॉप बोरर) लगने के कारण घरेलू चीनी उत्पादन घट गया है। इस सीजन में उत्पादन 343 लाख मीट्रिक टन के अनुमान के मुकाबले गिरकर करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने की संभावना है।

    त्योहारी सीजन की मांग: रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली के चलते बाजारों में मीठे पकवानों की मांग अचानक बढ़ गई है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर: वैश्विक स्तर पर भी चीनी की सप्लाई तंग होने से अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 16% तक का उछाल देखा गया है।

    जमाखोरी और सट्टेबाजी: सरकार के अनुसार, कुछ व्यापारियों और मिलों द्वारा स्टॉक रोकने (स्टॉकहोल्डिंग) से भी बाजार में कृत्रिम तेजी बनी है।

    आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


    रसोई के बजट पर सीधा असर: हर घर में चाय, दूध और रोजमर्रा के खान-पान में इस्तेमाल होने वाली चीनी महंगी होने से आम नागरिक के महीने का राशन का बजट बिगड़ जाएगा।

    मिठाई और प्रोसेस्ड फूड महंगे होंगे: त्योहारों के मौसम में मिठाइयों, बेकरी प्रोडक्ट्स (केक, बिस्कुट), आइसक्रीम, सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैक्ड स्नैक्स की लागत बढ़ेगी, जिससे कंपनियां इनके दाम बढ़ा सकती हैं।

    होटल और ढाबा उद्योग पर प्रभाव: चाय की दुकानों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स की परिचालन लागत बढ़ेगी, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

    महंगाई (Inflation) पर दबाव: खाद्य वस्तुओं में तेजी के कारण कुल खुदरा महंगाई दर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

    सरकार के कदम


    बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चीनी व्यापारियों और डीलरों पर स्टॉक लिमिट (स्टॉक सीमा) तय कर दी है। साथ ही, कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर आयात व अतिरिक्त कोटा बाजार में जारी करने की तैयारी की जा रही है।



Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather