Breaking News

  • लाहौल-स्पीति में मौसम का मिजाज सख्त : भारी बर्फबारी के चलते बारालाचा और शिंकुला पास पर वाहनों की आवाजाही बंद
  • चंबा जेल से फरार भगोड़े इब्राहिम की तलाश तेज : 16 सदस्यीय विशेष पुलिस टीम गठित, जंगलों और ठिकानों पर दबिश
  • एशियाई खेलों की पदक विजेता रितु नेगी को भी मिलेगा एक करोड़ का नकद पुरस्कार
  • ऊना अस्पताल : प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में महिला डॉक्टर निलंबित, तीन दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट
  • शारदीय नवरात्र : पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, जानें बीज मंत्र व आरती
  • हिमाचल : आंगनबाड़ी वर्कर और वन मित्र का मानदेय बढ़ाने का निर्णय-जानें कैबिनेट के फैसले विस्तार से
  • पीरनिगाह में माथा टेककर लौट रहे परिवार पर टूटा कहर : दादी-पोते की गई जान, 6 घायल
  • हिमाचल कैबिनेट की बैठक में खुला नौकरियों का पिटारा : करीब 15000 पदों पर भर्तियों को मंजूरी
  • पीरनिगाह में माथा टेककर लौट रहे परिवार पर टूटा कहर : दादी-पोते की गई जान, 6 घायल
  • हिमाचल में दो दिन येलो अलर्ट : आंधी, तूफान, बिजली चमकने की संभावना

हिमाचल की राजनीति के धुरंधर और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया नहीं रहे, 87 वर्ष की आयु में निधन

ewn24 news choice of himachal 29 Sep,2026 10:47 am


    कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक लंबे समय तक अपनी मुखर शैली और बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन हो गया है।

    उन्होंने 87 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक के कारण पैतृक गांव त्यारा में अंतिम सांस ली। उनके निधन से कांगड़ा घाटी सहित पूरे हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

    सैन्य पृष्ठभूमि से राजनीतिक सफर तक


    राजनीति में आने से पहले मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी थीं और एक सैन्य अधिकारी के रूप में देश के प्रति अपनी निष्ठा का परिचय दिया था।

    सेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने जन सेवा का मार्ग चुना और हिमाचल प्रदेश की सक्रिय राजनीति में कदम रखा। अपनी अनुशासित कार्यशैली और जनता के मुद्दों पर खुलकर बोलने की आदत के कारण वह जल्द ही प्रदेश के एक कद्दावर नेता के रूप में उभरे।

    शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से लंबी राजनीतिक पारी


    मेजर मनकोटिया ने कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व किया। वह अपने राजनीतिक जीवन में 5 बार विधायक चुने गए। अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्हे दो बार मंत्री पद मिला। उन्होंने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और विकास कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभाई।

    बेबाक और मुखर राजनेता की छवि


    मेजर विजय सिंह मनकोटिया को हिमाचल की राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में जाना जाता था जो जनहित से जुड़े मुद्दों या प्रशासनिक सुधारों पर अपनी ही पार्टी या सरकार के सामने भी बेबाकी से अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटते थे।

    उनके तीखे और तथ्यात्मक तेवर अक्सर प्रदेश की सुर्खियों में रहते थे। क्षेत्रीय मुद्दों और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में उनका नाम हमेशा अग्रणी रहा।

    शोक की लहर


    उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और उनके समर्थकों में शोक फैल गया है। विभिन्न राजनीतिक दिग्गजों ने उनके निधन को हिमाचल की राजनीति के एक युग का अंत बताया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।


    हिमाचल से जुड़ी हर बड़ी खबर पाएं अपने फोन पर, जुड़िए हमारे WhatsApp ग्रुप के साथ 


Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather