कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर बनखंडी में शनिवार को अनुष्ठान के दौरान दर्दनाक हादसा पेश आया।
मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चल रहे हवन के दौरान पंजाब से आया एक श्रद्धालु अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सीधे सुलगते हुए हवन कुंड में जा गिरा। वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी तथा त्वरित रेस्क्यू के कारण एक बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब के जालंधर निवासी नितिन मां बगलामुखी के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए कांगड़ा स्थित मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर में धार्मिक विधि-विधान से हवन प्रक्रिया चल रही थी।
इसी दौरान नितिन अचानक अपना संतुलन गंवा बैठे और सीधे हवन कुंड की आग की लपटों के बीच जा गिरे। अचानक हुई इस घटना से शांत और आध्यात्मिक माहौल में अफरा-तफरी मच गई।
जैसे ही नितिन हवन कुंड में गिरे, वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत उन्हें लपटों से बाहर खींच लिया। लोगों की इस सूझबूझ और त्वरित एक्शन के कारण नितिन की जान तो बच गई, लेकिन कुछ सेकेंड तक आग की चपेट में रहने की वजह से उनके हाथ, बाजू, छाती और चेहरे के कुछ हिस्से झुलस गए।
हादसे के तुरंत बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों की मदद से घायल नितिन को देहरा स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। देहरा सिविल अस्पताल के डॉ. राकेश ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मरीज को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। झुलसने के बावजूद राहत की बात यह है कि मरीज की हालत अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है।
सूचना मिलते ही जालंधर से नितिन के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए जालंधर के किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं। घटना के कुछ देर बाद मंदिर परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई और अनुष्ठान सुचारू रूप से शुरू कर दिए गए।