कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पहली बार पशुपालक के घर से पशु पालन विभाग हिमाचल प्रदेश ने नर बछड़े को खरीदा है। जिला कांगड़ा में संतान परीक्षण कार्यक्रम के तहत गांव कछियारी तहसील व जिला कांगड़ा के हर्मिन्दर सिंह के घर से एक नर बछड़े को खरीदा गया। पशुपालक को करीब 10 हजार रुपए दाम चुकाए गए।
इस बछड़े को विभाग द्वारा खरीदने से पहले कई विश्व स्तरीय मानकों से गुजरना पड़ा। हर्मिन्दर सिंह की गाय 30 लीटर से ज्यादा दूध देती थी, जिसमें नामित तृण (सीमन स्ट्रा) का उपयोग किया गया था, जिससे उपरोक्त बछड़ा पैदा हुआ।
सभी परीक्षणों को पास करने के बाद 01 अप्रैल 2025 को सहायक निदेशक (परियोजना) व जिला समन्वयक संतान परीक्षण कार्यक्रम जिला कांगड़ा डॉ. संदीप मिश्रा ने हर्मिन्दर सिंह के घर जाकर इस बछड़े को विभाग के लिए खरीदकर उसे पालमपुर स्थित क्वारंटाइन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया।
उन्होंने बताया कि अब कुछ समय तक इसे क्वारंटाइन सेंटर में पाला जाएगा। साथ ही आगे के कई प्रकार के परीक्षण किया जाएंगे, जिसके बाद इसे राष्ट्रीय ग्रीड में शामिल करके देश के किसी वीर्य तृण (सीमन स्ट्रा) केंद्र में भेजा जाएगा।
इस समय इनके साथ उप-मंडलीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश शर्मा व डॉ विशाल पाटिल पशु चिकित्सा अधिकारी, संतान परीक्षण कार्यक्रम जिला कांगड़ा व विभाग के स्थानीय कर्मचारी मौजूद रहे।
बता दें कि जर्सी प्रोजेक्ट के लिए जिला कांगड़ा को चुना गया है। ये करीब 15.72 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। यह संतान परीक्षण कार्यक्रम जिला कांगड़ा के 115 पशु चिकित्सा संस्थानों में चला है, जिसके तहत सभी गायों में उच्च आनुवंशिक योग्यता के बैलों के वीर्य से बने तृणों (सीमन स्ट्रा) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिला कांगड़ा में पशु पालन विभाग के इस कार्यक्रम के चलते पिछले तीन साल में जर्सी गायों की दूध देने की क्षमता बढ़ी है। योजना के तहत विभाग ज्यादा दूध देने वाली गायों के नामित तृण (सीमन स्ट्रा) से पैदा हुए नर बछड़ों को खरीदेगा।
पैदा होने के बाद बछड़े के कई प्रकार के परीक्षण होंगे, जिसमें 5-6 प्रकार की बीमारियों व पितृत्व परीक्षण शामिल हैं। अगर बछड़ा सभी मानकों पर फिट बैठता है तो पशुपालन विभाग इसे खरीदेगा। इसके लिए विभाग पशुपालक को 10 हजार रुपए देगा। इस बछड़े को किसी वीर्य तृण (सीमन स्ट्रा) केंद्र में भेजा जाएगा।
वहीं, इन गायों से पैदा बछड़ियों की डिमांड बाहरी राज्यों में है। भारत पशुधन के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध पशु क्रय-विक्रय का डाटा बताता है कि संतान परीक्षण कार्यक्रम जिला कांगड़ा के क्षेत्र से इस कार्यक्रम के तहत पैदा हुई जर्सी की बछड़ियों को इनके ज्यादा दूध देने की क्षमता के कारण पंजाब, हरियाणा, जम्मू व यहां तक कि केरल तक के लोग खरीद कर ले जा रहे हैं।