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ऊना अस्पताल : प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में महिला डॉक्टर निलंबित, तीन दिन में मांगी गई जांच रिपोर्ट

ewn24 news choice of himachal 11 Oct,2026 1:32 pm


    मोबाइल बंद मिलने और जांच से गायब रहने पर गिरी गाज, स्वास्थ्य विभाग ने उठाए कड़े कदम


    ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्रसव के दौरान एक 33 वर्षीय प्रसूता और उसके गर्भस्थ शिशु की असामयिक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद मचे प्रशासनिक हड़कंप के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित महिला चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    क्या है पूरा मामला?


    ऊना जिले के अपर अरनियाला गांव की रहने वाली 33 वर्षीय रीना देवी पत्नी राजीव कुमार को प्रसव पीड़ा के बाद 7 अक्टूबर 2026 को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उपचार के दौरान 9 अक्टूबर को प्रसूता और पेट में पल रहे बच्चे दोनों की ही मौत हो गई। इस अचानक हुई दोहरी त्रासदी से परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए उसी दिन (9 अक्टूबर) एक जांच समिति का गठन कर दिया था। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चौहान की अध्यक्षता में गठित इस उच्चस्तरीय समिति को निर्देश दिए गए थे कि वे पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करें और यह पता लगाएं कि मौत किन परिस्थितियों में हुई तथा क्या इलाज के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई थी।

    डॉक्टर की गैर-मौजूदगी और बंद मिले फोन बने निलंबन का आधार


    स्वास्थ्य विभाग के सचिव आशीष सिंहमार द्वारा शनिवार को जारी आदेशों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपी चिकित्सक डॉ. प्रियंका शर्मा की संलिप्तता और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट में हवाला दिया गया कि डॉ. प्रियंका शर्मा न केवल प्रारंभिक जांच के लिए उपलब्ध नहीं हुईं, बल्कि उनके दोनों मोबाइल नंबर भी लगातार बंद मिले।

    जांच प्रक्रिया में सहयोग न करने और ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. प्रियंका शर्मा का मुख्यालय स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, शिमला निर्धारित किया गया है।

    तीन दिन में सौंपनी होगी विस्तृत जांच रिपोर्ट


    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं, इसलिए मौत के असली कारणों और किसी व्यक्ति विशेष की जिम्मेदारी का निर्धारण जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। गठित समिति को घटना के सभी पहलुओं की रिपोर्ट अगले तीन दिनों के भीतर सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।


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