शिमला। नशे के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में शिमला पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने ड्रग सिंडिकेट के 'बैकवर्ड लिंकेज' (जड़ों तक पहुंचना) पर काम करते हुए दो अलग-अलग मामलों में बाहरी राज्यों से हिमाचल में चिट्टा सप्लाई करने वाले 3 मुख्य अंतर्राज्यीय (Interstate) सरगनाओं को दबोच लिया है।
पकड़े गए तस्कर बेहद शातिर हैं। पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इन्होंने अनजाने ग्राहकों के डिजिटल वॉलेट (QR Code) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसी सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए ड्रग्स की डीलिंग का हाईटेक तरीका अपनाया था।
शुरुआती कार्रवाई: गत 18 मई को संजौली पुलिस ने रवि कुमार उर्फ बंटी (35, निवासी संजौली) को 26 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था।
शातिर तरीका (Modus Operandi): तफ्तीश में वित्तीय और तकनीकी ऑडिट के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी रवि एक दुकान चलाता था। वह ड्रग्स के पैसे का डिजिटल ट्रेल (डिजिटल रिकॉर्ड) छुपाने के लिए अपनी दुकान पर आने वाले सीधे-सादे और अनजाने ग्राहकों के QR कोड स्कैनर्स का इस्तेमाल करता था। ग्राहकों से पैसे ट्रांसफर करवाकर वह उसी रकम को आगे ड्रग्स खरीदने के लिए भेज देता था, जबकि ग्राहकों को इस बात की भनक तक नहीं होती थी।
किंगपिन की गिरफ्तारी: जब पुलिस ने इस उलझे हुए वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ा, तो तार पंजाब के तरनतारन से जुड़े। शिमला पुलिस की टीम ने तुरंत जाल बिछाया और 22 मई को मुख्य सरगना शवनदीप (21, निवासी पट्टी, तरणतारण) को जंडियाला गुरु (अमृतसर) से गिरफ्तार कर लिया।
शुरुआती कार्रवाई: 18 मई को ही बालूगंज पुलिस थाना के तहत जय सिंघला (23, निवासी सोलन) को 14 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया था।
इंस्टाग्राम सिंडिकेट: पुलिस रिमांड के दौरान जब आरोपी के बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को खंगाला गया, तो एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। आरोपी जय सिंघला पंजाब के मोगा निवासी अमृत पाल के साथ इंस्टाग्राम के जरिए नशीले पदार्थों की डील करता था। इनके बीच अब तक लाखों रुपए का अवैध वित्तीय लेनदेन हो चुका है।
ऐसे चलता था खेल: अमृत पाल इस नेटवर्क को हरियाणा के कुलदीप के साथ मिलकर चला रहा था। कुलदीप मुख्य रूप से चिट्टे की कूरियर/डिलीवरी करता था और अमृत पाल ड्रग्स के पैसे कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था।
डबल गिरफ्तारी: बालूगंज पुलिस ने आज (25 मई) त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना अमृत पाल (22) को मोगा (पंजाब) से और नेटवर्क के मुख्य हैंडलर कुलदीप सिंह (34) को अमरावती पिंजौर से धर दबोचा।
जिला शिमला पुलिस अब केवल जमीनी पैडलर्स को ही नहीं, बल्कि तकनीक और वित्तीय ऑडिट के दम पर नशे के पूरे साम्राज्य को उखाड़ने में जुट गई है।
एएसपी अभिषेक (ASP Abhishek) ने बताया: "जिला शिमला पुलिस अब पूरी तरह से संगठित नशा तस्करी नेटवर्क को जमींदोज करने और उसकी जड़ों को काटने के लिए तकनीक, वित्तीय ऑडिट और अंतर्राज्यीय समन्वय (Interstate Coordination) का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है। अपराधियों के हर डिजिटल और चालाकी भरे पैंतरे का जवाब पुलिस के पास है।"