ऋषि महाजन/नूरपुर। नगर परिषद चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जहां एक ओर भाजपा ने अपने समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुनावी मैदान में शुरुआती बढ़त लेने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस ने रणनीतिक चुप्पी साधते हुए अपने प्रत्याशियों के नाम अंतिम दिन घोषित करने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस ने लगभग सभी वार्डों में उम्मीदवार तय कर लिए हैं, लेकिन पार्टी उन्हें सार्वजनिक करने से अभी बच रही है।
भाजपा की सूची सामने आते ही सबसे ज्यादा चर्चा टिकटों में किए गए फेरबदल को लेकर हो रही है। पार्टी ने वार्ड नंबर 3, 4, 5, 6, 7 और 8 में उम्मीदवारों को बदला है। खास बात यह है कि वार्ड 4, 5 और 6 में चेहरे तो पुराने ही हैं, लेकिन उनके वार्ड बदल दिए गए हैं। इस बदलाव ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष को जन्म दिया है। कई कर्मठ कार्यकर्ता, जिन्होंने पिछले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था, खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं।
कुछ कार्यकर्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पिछली बार वे भारी मतों से जीत के करीब पहुंचे थे, लेकिन इस बार पार्टी ने उनसे राय लेना भी जरूरी नहीं समझा। हालांकि उन्होंने पार्टी अनुशासन का हवाला देते हुए फैसले का स्वागत करने की बात भी कही।
भाजपा ने वार्ड नंबर 8 में कांग्रेस से आए प्रत्याशी पर दांव खेलकर सियासी समीकरण बदलने की कोशिश की है। वहीं एक वार्ड में महिला आरक्षण लागू होने के कारण पुराने प्रत्याशी की जगह उनकी धर्मपत्नी को टिकट दिया गया है। इसी तरह वार्ड 9 में पुरुष आरक्षण के चलते महिला पार्षद के स्थान पर उनके पति को मैदान में उतारा गया है। वार्ड 3 और 7 में नए चेहरों को मौका देकर भाजपा ने बदलाव का संकेत दिया है।
अब सबकी नजर कांग्रेस पर टिकी है कि वह किन चेहरों पर भरोसा जताती है। अंतिम दिन एक साथ नामांकन दाखिल करने की रणनीति से कांग्रेस भाजपा को सीधी टक्कर देने की तैयारी में है। चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।