कांगड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को कांगड़ा के गुप्ता गंगा पहुंचे। राहुल गांधी कांगड़ा के गुप्त गंगा में तीन राज्यों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वीरवार को कांगड़ा शहर के समीप गुप्ता गंगा में आयोजित तीन राज्यों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेंगे। गगल एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने उनका स्वागत किया।
राहुल गुप्त गंगा में हिमाचल, पंजाब और जेएंडके के अस्सी जिला अध्यक्षों के साथ इंट्रेक्शन करने पहुंचे हैं। पिछले नौ दिनों से यह शिविर जारी है। राहुल के स्वागत के लिए हिमाचल समेत नज़दीकी राज्यों के कई कांग्रेसी दिग्गज पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस के कांगड़ा में जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शिरकत करेंगे। कांगड़ा में करीब 4 घंटे तक कार्यक्रम और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद वह वापस दिल्ली लौटेंगे। कांगड़ा में पहुंचने के बाद करीब 45 मिनट तक चलने वाले इस नाश्ते के दौरान वह जिला अध्यक्षों से अनौपचारिक बातचीत कर संगठनात्मक फीडबैक लेंगे। इसके बाद वह प्रशिक्षण शिविर में औपचारिक रूप से जिला अध्यक्षों को संबोधित करेंगे।
यह सत्र करीब ढाई घंटे तक चलेगा, जिसमें संगठन की मजबूती, आगामी रणनीति और जमीनी स्तर पर पार्टी को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी। राहुल गांधी का दोपहर का भोजन भी जिला अध्यक्षों के साथ ही होगा। इसके बाद वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे, जिसमें प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और आगामी रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांगड़ा जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि दौरे के मद्देनजर करीब 4,000 पुलिस जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है और पूरा पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है।
वहीं, जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने दौरे के दौरान सुरक्षा को देखते हुए कांगड़ा, धर्मशाला और शाहपुर उपमंडलों में पैराग्लाइडिंग, ड्रोन उड़ान, हॉट एयर बैलूनिंग सहित सभी प्रकार की हवाई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रशासन के अनुसार यह निर्णय वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है। दौरे के दौरान मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आने की संभावना है, जिससे सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जरूरत पड़ने पर ड्रोन या अन्य हवाई निगरानी उपकरणों का उपयोग कर सकेंगी, लेकिन इसके लिए पूर्व में प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य होगा।