Breaking News

  • 29 जुलाई सुबह 9 बजे तक 6 जिलों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट
  • नूरपुर में बोले शिक्षा मंत्री : 150 सरकारी स्कूलों में बनेगा अलग शिक्षक कैडर, 4000 शिक्षकों की होगी भर्ती
  • हादसा : 53 मील पर पुल की रेलिंग तोड़कर खाई में गिरा गेहूं से लदा ट्रक, दो की गई जान, चालक गंभीर
  • भरमौर-पठानकोट हाईवे पर गहरी खाई में गिरी कार, मासूम समेत एक ही परिवार के 5 लोगों की गई जान
  • HPRCA भर्ती अपडेट : JE सिविल, शिक्षक और OTA पदों के लिए परीक्षा शेड्यूल जारी
  • ITI सुंदरनगर में कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, रोजगार अवसर का उठाएं लाभ
  • मुख्यमंत्री सहारा योजना : कहां और कैसे कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, क्या दस्तावेज जरूरी- जानें
  • हॉस्पिटॅलिटी सेक्टर में बंपर भर्ती : 10वीं या 12वीं पास के लिए बढ़िया मौका, मंडी में इंटरव्यू
  • हिमाचल में अगले 12 घंटे में यहां भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट है जारी
  • व्हाइट पेपर कमेटी के गठन की तैयारी में हिमाचल सरकार, सीएम सुक्खू ने किया खुलासा

भूकंप के झटकों से हिली चंबा-कांगड़ा की धरती, रिक्टर स्केल पर 3.7 रही तीव्रता

ewn24news choice of himachal 21 Feb,2023 5:55 pm

    रात 10 बजकर 38 मिनट पर महसूस किए गए भूकंप के झटके

    कांगड़ा/चंबा। हिमाचल प्रदेश के चम्बा औऱ कांगड़ा जिला में सोमवार रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक भूकंप के झटके रात 10 बजकर 38 मिनट पर महसूस किए गए।

    बड़ी राहत: हिमाचल में करीब 68 दिन बाद कल खुलेंगे दोनों सीमेंट प्लांट

    इसका केंद्र चंबा जिला में जमीन से 5 किलोमीटर गहराई में था। जानकारी अनुसार भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आये। भूकंप से कई घरों में रखा सामान हिलने लगा। हालांकि कुछ ही सेकंड में सब कुछ सामान्य हो गया।
    हिमाचल: खांसी ही नहीं भगाएगी, रोजगार भी दिलाएगी मुलहठी

    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप के झटके कम तीव्रता के थे और इसमें किसी के हताहत और नुकसान की रिपोर्ट नहीं है।
    मंडी शहर में ‘व्योमनेत्र’, 250 कैमरे रखेंगे नजर-ड्रोन से भी जोड़ा जाएगा

    कांगड़ा घाटी में 1905 में आया था जलजला

    कांगड़ा घाटी में चार अप्रैल 1905 को आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन पांच में शामिल कांगड़ा घाटी में अगर भूकंप आया तो तबाही का मंजर भयावह होगा। आज से 117 साल पहले कांगड़ा में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8 मापी गई थी। तब लगभग 19000 लोग मौत का शिकार हुए थे तथा 38 हजार पशु भी इस भूकंप की भेंट चढ़ गए थे। अकेले कांगड़ा नगर में मरने वाले लोगों की संख्या 10257 थी। आज जिस कद्र पिछले 117 सालों में भवनों का निर्माण हुआ है उस हिसाब से अगर ऐसा विनाशकारी भूकंप आया, तो मृतकों की संख्या लाखों तक पहुंच सकती है।


    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें 

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather