कांगड़ा। टांडा मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर अंजलि श्रीकांत चव्हाण के फतेहपुर स्थित घर में हुई करीब 73 लाख रुपये की भारी-भरकम चोरी के मामले में कांगड़ा पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान हुई कड़ी पूछताछ के बाद इस शातिर गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है। वैज्ञानिक और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर दबोचे गए गगल के चोरों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस की तफ्तीश में बुधवार को सबसे बड़ी कामयाबी तब हाथ लगी, जब गैंग की महिला आरोपी अंजू देवी की निशानदेही पर गग्गल पुल के पास झाड़ियों से भारी मात्रा में छुपाकर रखा गया सोना-चांदी बरामद किया गया। पुलिस ने इस गुप्त ठिकाने से:
इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी चंदन की निशानदेही पर हमीरपुर के आभूषण व्यापारी विवेक कुमार (मेन बाजार, प्रताप गली) की दुकान से 15 तोले सोना और 1 किलोग्राम चांदी बरामद कर चुकी थी। इस तरह अब तक कुल 50 तोले सोना (कीमत ~70 लाख) और 1.2 किलो चांदी (कीमत ~3 लाख) रिकवर की जा चुकी है।
चोरों की शातिरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे डॉक्टर के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर (DVR), वाई-फाई राउटर और पावर प्लग भी उखाड़ ले गए थे, ताकि पुलिस को कोई फुटेज न मिले। रिमांड के दौरान आरोपी चंदन ने कबूला कि उसने साक्ष्य मिटाने के लिए डीवीआर को तोड़कर जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जंगल से टूटी हुई डीवीआर और राउटर को भी ढूंढ निकाला है।
बरामद की गई सामग्री मात्रा अनुमानित कीमत बरामदगी का स्थान / जरिया
सोना (Gold) 50 तोले करीब ₹70 लाख झाड़ियों (35 तोले) व हमीरपुर के सुनार से (15 तोले)
चांदी (Silver) 1.2 किलोग्राम करीब ₹3 लाख झाड़ियों (200 ग्राम) व हमीरपुर के सुनार से (1 किलो)
तकनीकी साक्ष्य — — जंगल से टूटी हुई DVR और
वाई-फाई राउटर
"इस चोरी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी मददगार या चोर को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, जिले में नशा माफिया को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। चोरी, लूट और नशे के काले कारोबार से जुड़े अपराधियों के लिए कांगड़ा में कोई जगह नहीं है।" — कुलभूषण वर्मा, एसपी कांगड़ा