Breaking News

  • धर्मशाला में 30 अक्टूबर को BJP की पदयात्रा : पुलिस ने जारी की Traffic Advisory, जानें रूट और पार्किंग प्लान
  • हमीरपुर के सर्वेश शर्मा को नहीं मिली 3.5 करोड़ की ग्रांट : iDEX और DIO ने दावे को बताया फर्जी
  • आरएनटी पब्लिक हाई स्कूल में मेहंदी प्रतियोगिता, ज्योति सदन की तमन्ना ने मारी बाजी
  • आरएनटी स्कूल रैंखा में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर जागरुकता कार्यक्रम, छात्रों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
  • अब पति-पत्नी साथ मिलकर मना सकेंगे करवा चौथ, 29 अक्तूबर को हिमाचल में छुट्टी
  • हिमाचल : 29 और 30 अक्टूबर को बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
  • हिमाचल जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर, MTW सहित भरे जा रहे ये 20 पद
  • HPPSC : कृषि विकास अधिकारी के 23 पदों के लिए बढ़ी आवेदन की तिथि, जानें पूरी डिटेल
  • भोरंज में आंगनवाड़ी सहायिका पदों के लिए अब 20 नवंबर तक करें आवेदन
  • बैजनाथ : चेक बाउंस मामले में फरार चल रहे महिला समेत दो उद्घोषित अपराधी पंजाब से दबोचे

हमीरपुर के सर्वेश शर्मा को नहीं मिली 3.5 करोड़ की ग्रांट : iDEX और DIO ने दावे को बताया फर्जी

ewn24 news choice of himachal 29 Oct,2026 8:11 pm


    हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के बहुतकनीकी संस्थान बड़ू हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना के लिए ड्रोन विकसित करने के लिए 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने के दावे पर अब बड़ा मोड़ आ गया है।

    रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने वाली देश की प्रमुख संस्था 'इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस' (आईडेक्स) और 'डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन' (डीआईओ) ने इस दावे को पूरी तरह से फर्जी और निराधार करार दिया है। संस्था द्वारा जारी इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद पिछले दो महीनों से चर्चा में बनी इस खबर पर विराम लग गया है।

    दरअसल, सितंबर 2026 में प्रकाशित कई मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना के लिए 'रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)' नाम से स्वदेशी ड्रोन परियोजना विकसित करने हेतु 3.5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई है। 

    इस खबर के सामने आने के बाद सर्वेश की काफी सराहना हो रही थी। हालांकि, संस्था ने साफ किया है कि इस तरह की किसी भी ग्रांट को मंजूरी नहीं दी गई है और पहले प्रसारित खबरें आधिकारिक तथ्यों पर आधारित नहीं थीं।


    1.JPG 103.75 KB


    उल्लेखनीय है कि शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में सर्वेश शर्मा के ड्रोन प्रोजेक्ट के प्रोटोटाइप का भी जिक्र किया गया था, जिसे लगभग 87 हजार रुपये की लागत से तैयार करने की बात कही गई थी। 

    इसके अलावा, रिपोर्टों में यह भी बताया गया था कि उनकी टीम ने आईआईटी जोधपुर और कोणार्क कोर द्वारा आयोजित ड्रोन प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल कर 10 लाख रुपये का पुरस्कार जीता था। हालांकि, अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रतियोगिता से जुड़ी बातें मीडिया रिपोर्टों का हिस्सा थीं, लेकिन 3.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ग्रांट मिलने की बात पूरी तरह से असत्य है।




    आईडेक्स और डीआईओ के इस ताजा बयान के बाद यह साफ हो गया है कि किसी भी छात्र या स्टार्ट-अप को मिलने वाली सरकारी अथवा संस्थागत आर्थिक सहायता की खबरों की पुष्टि संबंधित विभागों से करना बेहद जरूरी है। संस्थागत स्पष्टीकरण के आधार पर अब सर्वेश शर्मा को 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है।

    बता दें कि सर्वेश शर्मा बुधवार को हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और अभी उनका उपचार चल रहा है। सर्वेश शर्मा को चंडीगढ़ स्थित PGI के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। 


Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather