HP Cabinet : हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की स्थापना करने का निर्णय
ewn24news choice of himachal 14 Sep,2023 10:45 pm
ग्रुप सी भर्तियों के लिए होंगी परीक्षाएं
शिमला। हिमाचल कैबिनेट की बैठक में भंग हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग के स्थान पर हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों के तहत विभिन्न ग्रुप सी पदों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की जाएंगी।
कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री लघु दुकान कल्याण योजना- 2023' को मंजूरी दी और योजना के तहत 40 करोड़ आवंटित करने का निर्णय लिया गया। यह योजना छोटे उद्यमियों और कौशल आधारित श्रमिकों जैसे मोची, दर्जी, नाई, मोबाइल रिपेयरिंग विक्रेता, सब्जी और फल विक्रेता आदि को अपने व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी।
बैठक में लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से राजस्व न्यायालय मामलों के लंबित निर्णयों के मुद्दों का समाधान करने और तकसीम, दुरूस्ती, इन्द्राज, अपील और निशानदेही इत्यादि विभिन्न राजस्व कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व (संशोधन) विधेयक-2023 लाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में ऐसे कर निर्धारण मामले जो लंबित थे व न्यायालयों में लंबित कर वसूली के मामलों के निपटारे के लिए 1 अक्टूबर, 2023 से 31 दिसम्बर, 2023 तक हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामले समाधान योजना, 2023 के तीसरे चरण को शुरू करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने राजस्व अनुकूलन के लिए वित्त वर्ष 2024-25 से एचपीएसईबीएल, एचपीपीसीएल और ऊर्जा निदेशालय के संबंध में रणनीतिक और विद्युत के क्रय एवं विक्रय के समन्वय के लिए एकल ऊर्जा ट्रेडिंग डेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया।
बैठक में जलवायु, भौगोलिक और अन्य कारणों से मंदी की अवधि के दौरान ऊर्जा की कमी का प्रबंधन करने के लिए स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। नये प्रावधान छत पर (रूफ टॉप) सौर परियोजना स्थापित करने को प्रोत्साहन प्रदान कर विद्युत उत्पादन को प्रोत्साहित करेंगे।
कैबिनेट ने ऊना जिला की टाहलीवाल पुलिस चौकी को स्तरोन्नत कर पुलिस थाना बनाने तथा यहां विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर भरने को भी स्वीकृति प्रदान की।
कैबिनेट ने जनजातीय क्षेत्र नियम, 1995 के लिए किसी एक विशेष योजना के लिए बीजक बजट में व्यय की अधिकतम सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने का भी निर्णय लिया। यह बजट जनजातीय क्षेत्रों में कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाओं के लिए प्रदान किया जाता है।