ऋषि महाजन/नूरपुर। पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल सेवा को बहाल करने को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आने से क्षेत्रवासियों में भारी निराशा का माहौल है। हिमाचल और पंजाब को जोड़ने वाली कांगड़ा घाटी रेल लाइन पर स्थित चक्की पुल के पुनर्निर्माण के बावजूद ट्रेन सेवा शुरू होने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
इस मुद्दे को लेकर जेडआरयूसीसी नॉर्दर्न रेलवे के सदस्य दीपक भारद्वाज ने लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने पंजाब लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद डॉ. अमर सिंह से इस विषय को संसद में उठाने का आग्रह किया था, जिसे सांसद ने स्वीकार करते हुए जनहित में पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया।
दीपक भारद्वाज, जो मूल रूप से नूरपुर (कांगड़ा-चंबा लोकसभा क्षेत्र) के निवासी हैं, ने बताया कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह मुद्दा उठाया गया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से रेल सेवा बंद होने के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद डॉ. अमर सिंह ने लोकसभा में रेल मंत्री से कांगड़ा घाटी रेल लाइन और चक्की पुल की वर्तमान स्थिति को लेकर सवाल किया। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश के विश्व विख्यात शक्तिपीठों में आने वाले श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए बताया कि कांगड़ा घाटी का चर्चित चक्की रेल पुल 28 फरवरी 2022 को भारी बारिश के कारण बह गया था, जिसमें कई पिलर क्षतिग्रस्त हो गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में डलहौजी रोड और नूरपुर रोड रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित इस पुल के 32 पिलर तैयार किए जा चुके हैं।
रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल कांगड़ा घाटी में सीमित रेल सेवाएं जारी हैं। बैजनाथ से पपरोला के बीच दो पैसेंजर ट्रेनें और बैजनाथ से जोगिंदर नगर के बीच एक पैसेंजर ट्रेन संचालित हो रही है।
हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि यह मामला अभी रेल मंत्रालय के विचाराधीन है और जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु और स्थानीय लोग बेहतर रेल सुविधा का लाभ उठा सकें। इसके बावजूद, पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल सेवा को लेकर स्पष्ट समयसीमा न मिलने से क्षेत्र के लोगों में निराशा और इंतजार दोनों बने हुए हैं।