धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) धर्मशाला ने परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और नकल पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि भविष्य में होने वाली सभी बोर्ड परीक्षाओं के लिए अब परीक्षा केंद्रों में अत्याधुनिक सीसीटीवी (CCTV) निगरानी व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है।
नए नियमों के तहत अब सभी संबद्ध विद्यालयों और संस्थानों को परीक्षा शुरू होने से पहले अपने सभी परीक्षा कक्षों/हॉल, और हर एंट्री व एग्जिट गेट (प्रवेश एवं निकास द्वार) पर वीडियो के साथ-साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग सुविधा से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।
बोर्ड अध्यक्ष ने इस नई निगरानी प्रणाली को लेकर कुछ कड़े तकनीकी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं -
NVR और 6 महीने की रिकॉर्डिंग : परीक्षा केंद्रों में स्थापित इस सिस्टम के नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) में परीक्षा की रिकॉर्डिंग को कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
Static IP Address : सीसीटीवी सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाली नेटवर्क कनेक्टिविटी और आईपी एड्रेस को स्थायी (Static) रखना होगा, ताकि बोर्ड प्रशासन जरूरत पड़ने पर तुरंत रिकॉर्डिंग की जांच कर सके।
निरीक्षण के बाद ही मिलेंगे परीक्षा केंद्र : परीक्षा केंद्रों का आवंटन करने से पहले बोर्ड की टीम खुद स्कूलों और संस्थानों का भौतिक निरीक्षण (Inspection) करेगी। मानकों पर खरा उतरने के बाद ही वहां सेंटर बनाया जाएगा।
डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में चल रही मैट्रिक (10वीं) और जमा दो (12वीं) की अनुपूरक (Supplementary) परीक्षाओं पर भी सीसीटीवी, उड़नदस्तों (Flying Squads) और अन्य माध्यमों से कड़ी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अनुचित साधनों (नकल) और किसी भी प्रकार की अनियमितता के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है।
उन्होंने सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों से इन नए नियमों का समय पर पालन करने की अपील की है और कहा है कि परीक्षाओं को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाना बोर्ड, स्कूल और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।