ऋषि महाजन/जसूर। कांगड़ा जिला के व्यापारिक कस्बा जसूर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नूरपुर फोरलेन निर्माण कार्य जसूर कस्बे के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। नूरपुर फोरलेन निर्माण कार्य के चलते व्यापारिक कस्बा जसूर में पहली ही तेज बारिश ने निर्माण कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।
लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाजार की नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैल गया, जिससे पूरा बाजार तालाब में तब्दील हो गया। दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित जसूर ट्रक यूनियन का कार्यालय रहा, जहां करीब डेढ़ फुट तक गंदा पानी भर गया। इससे कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों, फर्नीचर और अन्य सामान को नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया, जबकि ट्रक मालिकों और चालकों का कामकाज भी घंटों प्रभावित रहा।
हालात की गंभीरता को देखते हुए ट्रक मालिकों और चालकों ने ट्रक यूनियन के प्रधान यशपाल (पप्पू) धालीवाल तथा पंचायत प्रधान अंजना धालीवाल को मौके पर बुलाया। दोनों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। स्थानीय लोगों ने बताया कि फोरलेन निर्माण शुरू होने के बाद से बारिश के दौरान यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार जसूर बाजार के प्रवेश द्वार पर निर्माणाधीन पुल के समीप बनाया गया। अस्थायी बाईपास अब लोगों के लिए खतरे का कारण बन चुका है। बारिश के समय खड्ड का तेज बहाव सीधे आसपास के मकानों की दीवारों से टकराता है, जिससे घरों की नींव कमजोर होने और बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है।
पंचायत प्रधान अंजना धालीवाल ने प्रशासन से मांग की कि निर्माणाधीन पुल के कार्य के साथ-साथ जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होते ही लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने संबंधित विभागों से तत्काल आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
वहीं ट्रक यूनियन के प्रधान यशपाल (पप्पू) धालीवाल ने कहा कि इस समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक और लोकसभा सांसद से भी इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर उठाने और संबंधित विभागों को शीघ्र स्थायी समाधान के निर्देश दिलाने की मांग की।
व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात की पहली ही झड़ी ने स्पष्ट कर दिया है कि जसूर बाजार में जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह नाकाफी है और निर्माणाधीन पुल के पास बनाया गया अस्थायी बाईपास भी सुरक्षित नहीं है।
लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो पूरे बरसात के मौसम में बाजार, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह केवल आश्वासन देता है या फिर धरातल पर प्रभावी कार्रवाई भी करता है।