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तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का दावा - 20 साल से ज्यादा वक्त तक रहेंगे जीवित

ewn24news choice of himachal 23 Mar,2023 8:05 pm

    चुगलाखांग बौद्ध मठ में थाई भिक्षुओं को पढ़ाया शांति का पाठ

    कांगड़ा। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य को लेकर बड़ा दावा किया। जिला कांगड़ा के मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखांग बौद्ध मठ में थाई भिक्षुओं को संबोधित करते हुए दलाई लामा बोले, 'मैं 87 वर्ष का हूं, पूर्णतया स्वस्थ होने के साथ शारीरिक रूप से चुस्त दुरुस्त हूं। मेरा विश्वास है कि मैं अभी 20 साल से ज्यादा वक्त तक जीवित रहूंगा।"

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    दलाई लामा ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि चीन में एक बार फिर बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार होगा। पूर्व में भी चीन बौद्ध देश था। मेडिटेशन से हम करुणा को बढ़ावा दे सकते हैं। मैं बौद्ध भिक्षु हूं। मैंने शुरू से ही इसका अभ्यास किया है, जिससे मुझमें शांति मिली है। मेडिटेशन के अभ्यास से आत्मिक शांति प्राप्त हो सकती है। बौद्ध दर्शन हमें गुस्से पर नियंत्रण करने की शिक्षा देता है।"
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    दुनिया में तेजी से बढ़ रही हिंसा पर दुख जताते हुए तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा कि ऐसे समय में अहिंसा, करुणा, प्रेम और सहिष्णुता का प्रचार करना और भी आवश्यक हो जाता है, ताकि लोगों के बीच सद्भाव बना रहे। आज के दौर में हर तरफ हिंसा का बोलबाला है और हथियारों की दौड़ लगी हुई है। सब एक दूसरे को मारने काटने में लगे हुए हैं।
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    दलाई लामा ने कहा कि अहिंसा, करुणा, प्रेम और सहिष्णुता हमें भाईचारा सिखाता है। पृथ्वी पर रहने वाले लोग हम सब भाई-बहन हैं। इसमें चीनी लोग भी शामिल हैं। मैंने महसूस किया है कि उनकी सोच संकुचित है। यही कारण है कि आज अधिक से अधिक चीनी बौद्ध धर्म की ओर प्रेरित हो रहे हैं। चीन महत्वपूर्ण देश है, वहां दुनिया की आधी आबादी है। चित को कैसे शांत रखें, यह जानना जरूरी है।

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