राकेश चंदेल /बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला में जर्जर कमरों में शिक्षा की अलख जगाई जा रही है। जर्जर हो चुके कमरों में शिक्षा ग्रहण करना छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए किसी चुनौती और टेंशन से कम नहीं है।
इन दो कमरों में ही करीब 55 छात्रों को पढ़ाया जा रहा है और कार्यालय भी इन्हीं कमरों में चल रहा है। कमरों की हालत की बात करें तो दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी चुकी हैं और छत से सीमेंट के टुकड़े गिरते रहते हैं।
वहीं, राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला में बुधवार को आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की आम सभा में छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। वर्षों पहले असुरक्षित (अनसेफ) घोषित किए जा चुके स्कूल भवन के बावजूद आज तक नया भवन नहीं बनने पर अभिभावकों और एसएमसी सदस्यों ने शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग और सरकार के प्रति गहरा रोष जताया तथा तत्काल नए भवन के निर्माण की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता एसएमसीअध्यक्ष सुनीता देवी ने की। बैठक में बताया गया कि विद्यालय में पहली से पांचवीं कक्षा तक 49 तथा प्री-प्राइमरी के 6 सहित कुल 55 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्कूल में केवल दो कमरे उपलब्ध हैं और विडंबना यह है कि वर्तमान में जिन दो कमरों में विद्यार्थियों की कक्षाएं लग रही हैं, वे भी सुरक्षित नहीं हैं।
इन कमरों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। ऐसे खस्ताहाल कमरों में मासूम बच्चों को बैठाकर पढ़ाई कराना हर दिन उनकी जिंदगी को खतरे में डालने जैसा है। रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य विद्यासागर ठाकुर ने कहा कि इस गंभीर समस्या से शिक्षा विभाग को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई भी अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग, प्रशासन और सरकार की होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दो जर्जर कमरों में ही 55 विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं और उन्हीं कमरों में कार्यालय भी संचालित किया जा रहा है, जो बच्चों की सुरक्षा के साथ खुला खिलवाड़ है।
एसएमसी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पुराने भवन को ध्वस्त कर तत्काल नए भवन के निर्माण की मांग की। साथ ही इस संबंध में आगामी कार्रवाई के लिए BEEO कार्यालय को भी प्रस्ताव भेज दिया गया है।
उधर, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी दवेन्द्र चौहान ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला के असुरक्षित भवन का मामला पहले ही विभाग के संज्ञान में लाया जा चुका है। उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा, बिलासपुर की ओर से अधिशासी अभियंता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, बिलासपुर मंडल-2 को पत्र भेजा गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्वारघाट की ओर से भी अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल-2, बिलासपुर को पत्र भेजा गया है। अब शीघ्र ही दोबारा पत्राचार कर इस मामले में आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया जाएगा।
बैठक में मुख्याध्यापिका विपुला देवी, जेबीटी अध्यापिका सुदेश कुमारी, एमडीएम स्टाफ, रेडक्रॉस सोसायटी सदस्य विद्यासागर ठाकुर, देवेन्द्र सिंह ठाकुर, गायत्री देवी, रीता शर्मा, विजय राम, कांता देवी, रितु रानी, कृष्णा देवी, तारो देवी, अनुसुबाला, परमिला, धर्मी देवी, निशा देवी, सुनील कुमार सहित अन्य अभिभावक एवं एसएमसी सदस्य उपस्थित रहे।