ज्वालामुखी। हिमाचल प्रदेश के युवाओं में देश सेवा का जज्बा हमेशा से सर्वोपरि रहा है। इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है जिला कांगड़ा के होनहार लाल आरिन रनौत ने।
ज्वालामुखी तहसील के गांव टपेहर (डाकघर भड़ोली) के रहने वाले आरिन ने केरल स्थित इंडियन नेवल अकादमी (INA) एझिमाला से सफलतापूर्वक पासिंग आउट कर भारतीय नौसेना (Indian Navy) में अधिकारी का पद हासिल किया है।
आरिन अब नौसेना की एग्जीक्यूटिव ब्रांच में अफसर के रूप में राष्ट्र की सेवा करेंगे। उनकी इस उपलब्धि से पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है।
18 नवंबर 2003 को जन्मे आरिन रनौत को अनुशासन और देश सेवा की प्रेरणा अपने घर से ही मिली है। उनके माता-पिता दोनों ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अपना योगदान दे रहे हैं:
पिता: सुरेश कुमार रनौत (हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत)
माता: हिमानी (हिमाचल प्रदेश पुलिस में कार्यरत)
आरिन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल आलमपुर से प्राप्त की। इसके बाद छठी से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा से पूरी की। बचपन से ही मेधावी आरिन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित एनडीए (NDA) की कठिन परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर नेशनल डिफेंस एकेडमी में अपनी जगह पक्की की थी।
4 वर्षों के कड़े सैन्य प्रशिक्षण के बाद 28 मई को आरिन ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। ट्रेनिंग के दौरान आरिन ने अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाया। ड्रिल और शिक्षा (Academics) में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'फ्लैग कैडेट' की उपाधि से नवाजा गया।
उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता (Leadership) को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित 'टॉर्च सम्मान' भी प्रदान किया गया, जिसे ट्रेनिंग के दौरान एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
आरिन रनौत की इस सफलता पर उनके पैतृक गांव में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए आरिन ने कहा कि यदि इंसान में दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कड़ी मेहनत करने का जज्बा हो, तो जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।