Breaking News

  • दुबई में नौकरी का मौका-बढ़िया सैलरी, कांगड़ा में 6 अप्रैल को इंटरव्यू
  • मंडी : कौशल प्रतियोगिता में 18 व्यवसायों के प्रशिक्षणार्थी दिखाएंगे हुनर, 5 ITI में होगी
  • वर्धमान टेक्सटाइल बद्दी में नौकरी का मौका : ITI मंडी में होंगे इंटरव्यू
  • हिमाचल : स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा निदेशालय को लेकर नोटिफिकेशन जारी
  • अल्ट्राटेक सीमेंट इकाई बघेरी में सेफ्टी का केबीसी, रक्षा माह का समापन
  • हिमाचल : DElEd CET-25 के लिए इस दिन से करें आवेदन, 29 मई को होगा टेस्ट
  • MBS Intellectual कोचिंग संस्थान का छात्र PNB में प्रोबेशनरी ऑफिसर सिलेक्ट
  • हरिपुर रोजमेरी पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित
  • सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइजर के 100 पदों पर भर्ती, सोलन में होंगे इंटरव्यू
  • नूरपुर रोड रेलवे स्टेशन पर लौटी रौनक, अतिरिक्त ट्रेन चलने से बड़ी राहत

बड़े आंदोलन की तैयारी में सेब बागवान, शिमला में बनाई रणनीति

ewn24news choice of himachal 29 Nov,2022 2:38 am

    हिमाचल, कश्मीर, केरल के पूर्व विधायकों ने लिया भाग

    शिमला। हिमाचल के सेब बागवान सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। हिमाचल सेब उत्पादक संघ अन्य किसान संगठनों को संगठित करके सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। इसी कड़ी में आज शिमला में हिमाचल, कश्मीर, केरल के पूर्व विधायकों व विशेषज्ञों ने सेब बागवानी की चुनौतियों पर विचार साझा किए और भविष्य में बागवानी बचाने के लिए आंदोलन की रणनीति तैयार की।
    हिमाचल: खाई में गिरी कार, धू-धू कर जली-फौजी युवक ने ऐसे बचाई जान

    शिमला के रोटरी टाउन हॉल में सेब उत्पादकों ने सेब बागवानी को आगे ले जाने के लिए मंत्रणा की। ठियोग से सीपीआईएम विधायक व बागवान नेता राकेश सिंघा ने कहा कि जम्मू कश्मीर सबसे बड़ा सेब उत्पादक है। हिमाचल में बागवानी को आगे बढ़ाने के लिए जो शोध व कार्य किए जाने चाहिए थे वह नहीं हो पाए हैं।

    सरकार बागवानों को उनकी दशा पर छोड़ देती है। सरकार ने बागवानों के सामने आ रही चुनौतियों का आकलन आज तक नहीं किया। लेखकों और वैज्ञानिकों ने इस पर शोध व लेख लिखे हैं, जिसके माध्यम से सेब की खेती में आ रही चुनौतीयों को समझने की कोशिश की है। भविष्य में किसान संगठनों को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

    वहीं, कश्मीर से आए पूर्व विधायक मोहम्मद यूसुफ बताते हैं कि सेब उत्पादक राज्यों के सामने आज कई बड़ी चुनौतियां हैं। सरकार बागवानों की मांगों को अनदेखा कर रही है। बागवान लागत से भी कम कमा पाता है। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही बागवानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसान कर्ज के बोझ में दबे हैं। एक तरफ सरकारी पैसा ना होने के बात कहती है, दूसरी तरफ पूंजीपतियों के लाखों करोड़ कर्ज माफ किए गए हैं। सेब उत्पादक राज्यों को आज एकजुट होकर हक के लिए आवाज उठाने की जरूरत हैं।
    ... तो क्या डॉक्टर नहीं बन पाएगी सरोत्री की मेधावी निकिता चौधरी? 


    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें  

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather