Breaking News

  • नूरपुर में विकास अब भी फाइलों में कैद : पार्क बदहाल, पार्किंग का हल नहीं, कूड़ा व्यवस्था फेल
  • HPRCA : अंग्रेजी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन इस दिन
  • बिलासपुर : भडोली कलां पंचायत के निवासी करेंगे चुनावों का बहिष्कार, डीसी को सौंपा ज्ञापन
  • सिरमौर : राजगढ़ में धरोटी के पास पलटी पिकअप, दो लोगों को आई हल्की चोटें
  • स्वारघाट : भुवाही BPL क्रिकेट टूर्नामेंट में देहनी टीम रही विजेता, परमिंदर मैन ऑफ द सीरीज
  • काठमांडू में छाए सरकाघाट के ऋषभ, एशियन चैंपियनशिप में जीता सिल्वर, हांगकांग को हराया
  • मंडी : तेज रफ्तार ने ले ली तीन युवकों की जान, दो एम्स में लड़ रहे जिंदगी की जंग
  • कुल्लू की सैंज घाटी में झांकियों ने मोहा मन, देखने को मिली लोक जीवन की अनूठी झलक
  • IPL 2026 : धर्मशाला में तैयारियां पूरी, 04 मॉक ड्रिल्स सफलतापूर्वक संपन्न
  • HPBOSE 12TH Result : मेरिट में छाए सरकारी स्कूल, साइंस में बुरी तरह पिछड़े

हिमाचल को बलजीत पर गर्व : कैप्टन क्लॉउडी व मिंगमा दोरची का भी बड़ा योगदान

ewn24news choice of himachal 19 Apr,2023 5:10 pm

    पायनियर एडवेंचर ने बताई रेस्क्यू की पूरी कहानी

    शिमला। हिमाचल की बेटी बलजीत कौर पर सबको गर्व है। अपने हौसले से मौत को भी मात दे दी। वहीं, कैलाश हेलीकॉप्टर सर्विसेज के कैप्टन क्लॉउडी मार्टिन व मिंगमा दोरची के योगदान को भी नहीं भूला जा सकता है। एक सफल रेस्क्यू कर पहाड़ की बेटी को सकुशल लाने के लिए हिमाचल सहित पूरे भारतवासी उनके कर्जदार रहेंगे।
    हिमाचल : 80 पदों पर होगी भर्ती, 17 हजार रुपये मिलेगा न्यूनतम वेतन

    पायनियर एडवेंचर ने बलजीत कौर के सफल बचाव में योगदान देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया है। कहा कि कैलाश हेलीकॉप्टर सर्विसेज के कैप्टन क्लॉउडी मार्टिन के विशेष ऋणी हैं, जिनकी साहसी और कुशल उच्च ऊंचाई वाली हेलीकॉप्टर उड़ान ने बचाव को संभव बनाया। निदेशक, मिंगमा दोरची द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को भी सलाम है, जो खोज में कैप्टन क्लाउडी के साथ थे और बलजीत का पता लगाने में मदद की।
    लाहौल-स्पीति : उदयपुर-पांगी किलाड़ राजमार्ग पर गिरे पत्थर, आवाजाही बंद

    रेस्क्यू आसान न था। बलजीत कौर के साथ संचार मुश्किल था, और यह भी पता नहीं था कि वह किस स्थिति में थी। हालांकि, पायनियर अपने गार्मिन जीपीएस डिवाइस के माध्यम से उससे संपर्क करने में सक्षम थी। बचाव के लिए बलजीत कौर के साथ समन्वय कर पाए। बलजीत ने शिखर के ठीक नीचे और शिखर शिविर के ऊपर, 7600 मीटर की ऊंचाई पर उल्लेखनीय संसाधन कुशलता और साहस का प्रदर्शन किया।
    धर्मशाला बस अड्डे से 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से नहीं चलेंगी बसें-जानिए कारण

    गौतरलब है कि अन्नापूर्णा दुनिया की 10वीं सबसे ऊंची चोटी है और बलजीत कौर ने इसे बिना ऑक्सीजन के फतेह किया था। वह कैंप से वापस लौट रही थी और इस दौरान लापता हो गई थीं। बलजीत को  काठमांडू के अस्पताल में ले जाया गया है जहां उनकी मेडिकल जांच की जा रही है।

    बलजीत कौर हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की कंडाघाट के गांव पंजरोल की रहने वाली हैं। उनके पिता अमरीक सिंह हिमाचल पथ परिवहन में बस ड्राइवर रहे हैं और उनकी मां शांति देवी गृहिणी हैं।
    पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कोरोना पॉजिटिव, हुए आइसोलेट

    बलजीत के कुल तीन भाई बहन हैं। बलजीत कौर ने एनसीसी में शामिल होने के बाद पहाड़ों की चढ़ाई शुरू की थी। 20 साल की उम्र में उन्हें माउंट देव टिब्बा के एनसीसी अभियान के लिए चुना गया था। बलजीत कौर केवल 27 साल में 8,000 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ने वाली पहली महिला पर्वतारोही हैं। उन्होंने इतने कम समय में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराकर यह रिकार्ड अपने नाम किया है।


    ऊना : सुरक्षा जवान व सुपरवाइजर के भरे जाएंगे पद, यहां लगेंगे शिविर


    हिमाचल : 21 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का अनुमान, क्या बोले-वैज्ञानिक, पढ़ें विस्तार से


    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें 

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather