मंडी। छोटी काशी मंडी में तारा रात्रि से शिवरात्रि महोत्सव की परंपरा आरंभ हो गई है। इस अवसर पर मंडी के अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ के स्वयंभू शिवलिंग का 21 किलोग्राम से अधिक मक्खन से विशेष श्रृंगार किया गया। यह विशेष श्रृंगार अगले एक महीने तक जारी रहेगा।
इस दौरान बाबा भूतनाथ के शिवलिंग का जल अभिषेक नहीं किया जाएगा। भगवान शिव भक्तों को प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे महोत्सव के पहले दिन बाबा का श्रृंगार अघंजर महादेव के रूप में किया गया जिसे देखने के लिए दिन भर मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा।
मक्खन से श्रृंगार की यह परंपरा शिवरात्रि तक चलेगी। शिवरात्रि से एक दिन पहले मक्खन हटाया जाएगा। इसके बाद पुनः जल अभिषेक की परंपरा आरंभ होगी । यह परंपरा अगले वर्ष तक जारी रहेगी । बाबा भूतनाथ मठ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि यह प्राचीन और अनूठी परंपरा मंडी की विशेष पहचान है।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा 1527 ईस्वी से निभाई जा रही है और मंडी को छोटी काशी का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मंडी में शिवरात्रि महोत्सव की यह परंपरा हर साल एक महीना पहले से शुरू होती है। यहां पर अंतरराष्ट्रीय मेला स्तर का माना जाता है और इसका मुख्य आयोजन एक सप्ताह तक चलता है।
इस महोत्सव में देश भर के श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 16 से 22 फरवरी तक आयोजित होगा। इसके लिए 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है जिनमें से लगभग 200 देवी देवता महोत्सव में शामिल होने आते हैं। ये सभी देवी देवता एक ही स्थान पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।