शिमला। हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में अब छात्रों को केवल सुरक्षित, फिल्टर या उबला हुआ पानी ही पिलाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इसे लेकर कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल, कुल्लू जिले स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी (पतलीकूहल) में मिड-डे मील के तहत परोसी गई खीर खाने से करीब 39 छात्र अचानक बीमार पड़ गए थे। घटना के बाद बच्चों में उल्टी, दस्त, चक्कर आने और बुखार जैसे तीव्र लक्षण देखे गए।
कई छात्रों की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पतलीकूहल भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर स्थिति को देखते हुए 5 बच्चों को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर किया गया। प्राथमिक चिकित्सा के बाद अधिकांश बच्चों की स्थिति में सुधार है और कई को छुट्टी भी दे दी गई है।
इस घटना ने पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों में छात्रों के स्वास्थ्य और आहार स्वच्छता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत डॉक्टरों, स्वास्थ्य अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं की एक विशेष मेडिकल टीम तैनात की है। बाड़ी और आसपास के इलाकों में आपातकालीन दवा भंडार बनाए गए हैं ताकि बच्चों के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की जा सके।
बीमारी के सटीक कारण का पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर खीर में इस्तेमाल किए गए चावल, चीनी, दूध और स्कूल के नल के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।
प्रारंभिक जांच में मानसून के दौरान जलापूर्ति दूषित होने या खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) की आशंका जताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों की सेहत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से एडवाइजरी जारी की है।
सभी उपनिदेशकों, प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों को केवल उबला हुआ, सुरक्षित या प्यूरीफायर (RO) से छना पानी ही पीने के लिए दिया जाए। जिन स्कूलों में RO या वाटर प्यूरीफायर खराब पड़े हैं, उन्हें उपलब्ध स्कूल निधि (School Fund) का उपयोग करके तुरंत ठीक कराने या नया स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं।
मानसून के मौसम में जलजनित बीमारियों (Waterborne Diseases) के खतरे को देखते हुए स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों से बातचीत कर बच्चों को घर से भी उबला हुआ पानी साथ भेजने की सलाह दें। मिड-डे मील पकाने वाले रसोईघरों और जल भंडारण टैंकों की तत्काल सफाई और दैनिक स्वच्छता जांच अनिवार्य कर दी गई है।
प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।