धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है।
जिला मजिस्ट्रेट-सह-अध्यक्ष (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) कांगड़ा, हेमराज बैरवा (I.A.S.) ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद रखने का निर्देश दिया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), शिमला ने 20 और 21 जुलाई, 2026 को जिला कांगड़ा के लिए 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किया है। इस दौरान जिले में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे भूस्खलन (landslides), अचानक बाढ़ (flash floods), पेड़ उखड़ने और रास्ते बंद होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। यह स्थिति मानव जीवन और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
जनहित में एहतियाती कदम उठाते हुए और स्कूली बच्चों व शिक्षण स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 20 और 21 जुलाई, 2026 को पूरे कांगड़ा जिले में निम्नलिखित संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे:
सभी सरकारी और निजी स्कूल (Government and Private Schools)
सभी शैक्षणिक और तकनीकी संस्थान (Educational & Technical Institutions)
सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय (Colleges & Universities)
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUHP) के सभी परिसर
निफ्ट (NIFT) कांगड़ा
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, बलाहर
सभी क्रेच (Crèche) सेंटर और आंगनवाड़ी केंद्र
(नोट: केवल आवासीय शिक्षण संस्थानों को इस बंद से छूट दी गई है।)
इन दो दिनों की अवधि के दौरान संबंधित संस्थानों के शिक्षण (Teaching) और प्रशासनिक (Administrative) स्टाफ को भी उपस्थिति से छूट दी गई है। हालांकि, यदि संस्थान के प्रमुख को आपातकालीन प्रबंधन या किसी आवश्यक कार्य के लिए जरूरत महसूस होती है, तो वे अनिवार्य प्रशासनिक कर्मचारियों को ड्यूटी पर बुला सकते हैं।
इस बंद की अवधि (20 और 21 जुलाई) के दौरान जिले के किसी भी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित (Postponed) कर दिया गया है। संबंधित प्राधिकारी इन परीक्षाओं को दोबारा शेड्यूल करेंगे और नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उच्च शिक्षा के उप निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा के उप निदेशक, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों और जिला कार्यक्रम अधिकारी (ICDS) द्वारा इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति, अधिकारी या संस्थान इस आदेश का उल्लंघन करता है या इसमें बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।