राजगढ़। सनौरा-नेरीपुल-छैला सड़क की दयनीय और जर्जर हालत को लेकर सनौरा-नेरीपुल-छैला सड़क संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कांगो जुबड़ी में आयोजित की गई।
इस बैठक में क्षेत्र की 11 पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने भाग लिया तथा सड़क की दुर्दशा, पिछले साल हुए भू-स्खलन के पड़े मलबे और आगामी सेब सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 5 अगस्त को पझौता दौरे पर आ रहे लोक निर्माण मंत्री का शलेच कैंची में स्वागत किया जाएगा और उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति से अवगत करवाया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल मंत्री के समक्ष किसानों, बागवानों, विद्यार्थियों और मरीजों को हो रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगा।
समिति के सदस्यों ने कहा कि यह सड़क 11 पंचायतों के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा की तरह है। किसान और बागवान अपने सेब और अन्य नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से इसी मार्ग पर निर्भर हैं।
पिछले साल बरसात में हुए भू-स्खलन का मलबा अभी भी कई स्थानों पर सड़क पर पड़ा हुआ है। इसके कारण मार्ग संकरा हो गया है और हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि पुराने स्लिप और मलबे को जल्द नहीं हटाया गया, तो आगामी सेब सीजन में यातायात बाधित हो सकता है, जिससे किसानों और बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत कराई जाए और मार्ग को सुरक्षित बनाया जाए।