केलांग। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। उदयपुर-किलाड़-थिरोट-तांदी (SKTT) मुख्य मार्ग पर स्थित जाहलमा पुल पहाड़ी दरकने और भारी भूस्खलन के कारण बुरी तरह डैमेज हो गया है।
इस हादसे के बाद लाहौल घाटी की 14 पंचायतों सहित पांगी घाटी का जिला मुख्यालय केलांग और पर्यटन नगरी मनाली से संपर्क पूरी तरह से कट गया है इस महत्वपूर्ण मार्ग के बंद होने के चलते सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग बीच रास्ते में ही फंस गए हैं।
जानकारी के अनुसार, लाहौल घाटी के उदयपुर के तहत आने वाले जालहमा में पिछले तीन दिनों से लगातार पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा था। यहां रुक-रुक कर चट्टानें और मलबे गिरने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बीते मंगलवार को इस मार्ग पर केवल सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक ही वाहनों की आवाजाही की अनुमति देने का फरमान जारी किया था। लेकिन अब पूरी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक जाने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है और पुल को भारी नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही लाहौल-स्पीति के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय विधायक भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। फंसे हुए पर्यटकों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारी और इंजीनियर भी भारी मशीनरियों के साथ मौके पर तैनात हैं। पहाड़ी से अभी भी लगातार मलबा गिर रहा है, जिसके कारण बहाली के काम में दिक्कतें आ रही हैं। बीआरओ के अधिकारी जल्द से जल्द यातायात सुचारू करने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग (Alternative Route) निकालने की व्यवस्था में जुट गए हैं, ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और इस मार्ग पर यात्रा करने वाले पर्यटकों से अपील की है कि जब तक सड़क पूरी तरह से साफ और सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक वे इस मार्ग पर सफर करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।