घुमारवीं । हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज अपने हुनर, लगन और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता के नए आसमान छू रही हैं।
इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के उपमंडल घुमारवीं के गांव कोटला की रहने वाली अपेक्षा शर्मा ने भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में नर्सिंग ऑफिसर बनकर पूरे प्रदेश और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
अपेक्षा ने बेहद कठिन मानी जाने वाली सीआरई (CRE) प्रतियोगी परीक्षा को अपने पहले ही प्रयासों में सफलतापूर्वक पास कर यह प्रतिष्ठित पद हासिल किया है। वायुसेना की ओर से उन्हें देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित केंद्रीय सचिवालय में पहली तैनाती दी गई है।
अपेक्षा शर्मा का शैक्षणिक सफर शुरू से ही बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शाहतलाई से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने ऊना जिले के प्रतिष्ठित डीएवी पब्लिक स्कूल मैहतपुर से 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
चिकित्सा के क्षेत्र में देश सेवा करने का सपना लिए अपेक्षा ने आईजीएमसी (IGMC) शिमला में दाखिला लिया और वहां से बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद भी उनका सफर नहीं रुका; उन्होंने साल 2024 में पंजाब विश्वविद्यालय (PU) चंडीगढ़ से 'मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ' (MPH) की डिग्री भी उच्च अंकों के साथ पूरी की।
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपेक्षा ने चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल की नर्सिंग कोचिंग अकादमी में बतौर ट्रेनर युवाओं को गाइड करना शुरू किया। साल 2024 उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने एक साथ दो बड़ी परीक्षाएं क्रैक कर डालीं।
एक तरफ जहां उन्होंने एयरफोर्स की परीक्षा पास की, वहीं दूसरी तरफ बाबा फरीद मेडिकल विश्वविद्यालय पंजाब द्वारा आयोजित स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा भी पास कर ली।
इस परीक्षा के आधार पर उन्हें पंजाब सरकार के अधीन सिविल अस्पताल मोगा में पक्की सरकारी नौकरी (स्टाफ नर्स) मिल गई थी। लेकिन दिल में देश सेवा का जज्बा लिए अपेक्षा ने पंजाब सरकार की नौकरी को ठुकरा कर भारतीय वायुसेना में जाना चुना।
अपेक्षा को शिक्षा और अनुशासन का यह जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता धर्मपाल शर्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोठी (घुमारवीं) में राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता (Lecturer) हैं, जबकि उनकी माता अनीता शर्मा डीएवी स्कूल मैहतपुर में गणित की शिक्षिका हैं।
अपेक्षा बताती हैं कि उन्हें जीवन में हमेशा आगे बढ़ने और अनुशासित रहने की प्रेरणा अपने दादा रामदास शर्मा (सेवानिवृत्त पीईटी) से मिली है।
अपेक्षा की इस स्वर्णिम सफलता से पूरे घुमारवीं और बिलासपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी इस कामयाबी और देश सेवा के फैसले की जमकर तारीफ कर रहे हैं।