ऋषि महाजन/नूरपुर। प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए जिला नूरपुर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने राज्यव्यापी 'एंटी-चिट्टा अभियान (चरण-II)' के तहत नशे के खिलाफ जोरदार कार्रवाई की है।
इस विशेष अभियान के दौरान शहर के मुख्य बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में गहन चेकिंग चलाई गई, जिसके अंतर्गत कोटपा (COTPA) अधिनियम के नियमों की सख्ती से समीक्षा की गई और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई गई।
कार्रवाई के दौरान विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तलाशी ली गई और दुकानदारों को कड़े निर्देश जारी किए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अतिरिक्त, नाबालिगों को बीड़ी-सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद बेचना एक गंभीर कानूनन अपराध है, जिस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नशे की कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता बैठकों का आयोजन भी किया गया। इन बैठकों में पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय प्रतिनिधियों और युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नशीले पदार्थों के घातक दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि वे अपने क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सतर्क निगाह रखें और युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाने में अपना योगदान दें।
मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पुलिस जिला नूरपुर) ने आम जनता से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी तुरंत सूचना पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।