सरकाघाट। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सरकाघाट उपमंडल के गोपालपुर में सोमवार सुबह कॉलेज जा रही एक 19 वर्षीय युवती की गला काटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को कुछ ही घंटों में धर दबोचा। बताया जा रहा है कि आरोपी नशे का आदी था।
जानकारी के अनुसार, 19 वर्षीय छात्रा सिया पुत्री जोगिंदर सिंह हर रोज की तरह सुबह अपने घर से कॉलेज के लिए निकली थी। जब वह नैण गांव के पास पहुंची, तो बाइक पर सवार दो हमलावरों ने उसे रास्ते में रोक लिया। हमलावरों ने छात्रा पर तेजधार हथियार से हमला किया और उसका गला रेत दिया।
आरोपी ने तेज हथियार से सिया के ऊपर वार किया और इससे वो नीचे गिर गई। युवती को गोपालपुर बस स्टाप से कालेज के लिए बस लेनी थी तथा उसकी सहेली भी बस स्टाप गोपालपुर में उसका इंतजार कर रही थी। हमला इतना घातक था कि छात्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सिया सरकाघाट कॉलेज में सेंकड ईयर की छात्रा थी और उसके पिता पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं।
वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपियों का ग्रामीणों ने पीछा किया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग से घेराबंदी की और वारदात वाली जगह से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
बताया जा रहा है आरोपी वारदात के बाद गेहूं के खेतों में जाकर छिप गया था, जिसे ग्रामीणों ने देख लिया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और घेरा डालकर युवक को पकड़ लिया, इतने में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद पूरे गोपालपुर और सरकाघाट क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की। मृतक छात्रा नैण गांव की ही रहने वाली थी और कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जघन्य अपराध के पीछे का मुख्य कारण क्या था। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
घटना पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकाघाट में बिटिया के साथ जो हुआ वह सोचकर ही मन विचलित हो रहा है। दिन दहाड़े इस तरह की घटना की देवभूमि में कल्पना भी नहीं की जा सकती। इस घटना न केवल पूरे प्रदेश को शर्मसार किया है, बल्कि हर उस परिवार को डरा दिया है जिनकी बेटियां शिक्षा के लिए घर से बाहर निकलती हैं।
जिस प्रदेश को हम सुरक्षित मानते थे, वहां अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? हैरानी की बात यह है कि आरोपियों की धरपकड़ के बजाय पुलिस स्थानीय लोगों और परिजनों को मौके पर रोकती रही। सरकार मूकदर्शन बनी हुई है। कानून व्यवस्था का बुरा हाल है।
इस घटना में शामिल लोगों के उनके इस जघन्य अपराध की ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य में उदाहरण बने। ईश्वर से प्रार्थना है कि बिटिया की आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति दें।