Breaking News

  • डिजिटल पुलिसिंग में नूरपुर पुलिस का दबदबा : ICJS सर्च में हिमाचल में नंबर-वन
  • ओम साईं यूथ करियर डिफेंस अकादमी : 6 युवाओं का अग्निवीर GD में चयन, 4 ने विभिन्न रेजिमेंट्स में गाड़े झंडे
  • कांगड़ा में चुनावी बवाल : झिकली इच्छी पंचायत में प्रधानी के चुनाव नतीजे के बाद भारी हंगामा
  • HPRCA ने घोषित किया JOA (लाइब्रेरी) परीक्षा का परिणाम, इस दिन होगी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  • हिमाचल : जाहलमा पुल डैमेज, पांगी और लाहौल घाटी की 14 पंचायतों का केलांग-मनाली से संपर्क टूटा
  • बंगोली पंचायत में शुभम चौधरी 28 साल की उम्र में चुने प्रधान, जिंदर उपप्रधान
  • ज्वालामुखी : सिहोरपांई पंचायत चुनाव में कांता देवी प्रधान और अनूप चौहान बने उप-प्रधान
  • बिलासपुर : गरामोड़ा फोरलेन पर कार से 3 किलो से अधिक चरस बरामद, मंडी के 5 तस्कर गिरफ्तार
  • कुल्लू : चुनावी ड्यूटी से गायब रहना पड़ा महंगा, पोलिंग ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस जारी
  • बिलासपुर : ससुराल में दामाद पर ससुर और साले ने बरसाए डंडे, थप्पड़-मुक्कों से पीटकर किया लहूलुहान

हिमाचल में 3 पक्षी व एक तेंदुए को लिया गोद, 5 हजार से 2 लाख रेट तय

ewn24news choice of himachal 27 Nov,2022 8:25 pm

    अक्टूबर माह में शुरू की थी योजना

    शिमला। हिमाचल प्रदेश में लोग चिड़ियाघरों के जानवरों को गोद ले सकते हैं। आपको सुनने में यह अजीब जरूर लगेगा, लेकिन ऐसा हो सकता है। इसके लिए अलग-अलग जानवरों व पक्षियों के लिए अलग-अलग रेट हैं। हालांकि ये जानवर चिड़ियाघर में ही रहेंगे।


    टीम इंडिया के सीरीज जीतने के अरमानों पर फिरा पानी, बराबरी का है मौका


    व्यक्ति जिस भी जानवर को गोद लेगा उसकी जानकारी पिंजरे के बाहर बोर्ड लगाकर दी जाएगी। इस योजना को अक्टूबर माह में ही राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने इसे लांच किया है। इतना ही नहीं राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने खुद पक्षी को गोद लेते हुए 12 हजार रुपये दिए हैं।


    प्रधान मुख्य संरक्षक (पीसीसीएफ) वन्यजीव राजीव कुमार ने बताया कि इस योजना को अक्टूबर माह में शुरू किया गया था। इसके तहत अभी तक 3 पक्षी व एक तेंदुए को गोद लिया गया है। इसमें राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने हिमाचल के राजकीय पक्षी जाजुराना को गोद लिया है।


    प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल, राहुल गांधी ने पहनी हिमाचली टोपी 


    इस योजना के तहत चिड़ियाघर में मौजूद तेंदुआ, शेर, भूरा भालू, काला भालू, हिमाचल के राज्य पक्षी जाजुराना समेत अन्य पशु पक्षियों को गोद लिया जा सकता है। हर पशु या पक्षी को गोद लेने के लिए एक निश्चित राशि रखी गई है। ये रकम सालाना 5 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक है। इस योजना में पूरा चिड़ियाघर या रेस्क्यू सेंटर भी गोद ले सकते हैं।


    हालांकि पशु पक्षियों को गोद लेने की योजना देश के कई राज्यों में चलाई जा रही है, लेकिन अब इसे हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया है। पशु पक्षियों को गोद लेने की सालाना फीस की बात करें तो तेंदुआ की 2 लाख, शेर की 2 लाख, भालू की 2 लाख, सांभर की 50 हजार, ग्रिफन वल्चर की 50 हजार,  घोरल की 25 हजार, बारकिंग डियर की 25 हजार रुपए सालाना है।


    लैपर्ड कैट की 25 हजार, ईमू की 25 हजार, फीजेंट की 12 हजार, लव बर्डस की 12 हजार, कछुआ की 12 हजार, पूरे चिड़ियाघर की 1 करोड़, पूरे रेस्क्यू सेंटर की 1 करोड़, छोटे पक्षी की 5 हज़ार, मनाली, सराहन, चायल की फीजेंटरी की 25 लाख रुपये सालाना रखी गई है।




    [embed]
    [/embed]



    मनाली : सोलंगनाला में श‍टरिंग हटाते ही ढह गया निर्माणाधीन पुल


    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें  

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather