Breaking News

  • हिमाचल में इस माह अब तक 9 फीसदी कम बारिश, इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
  • सिरमौर : घरेलू कलह से परेशान युवक ने उठाया आत्मघाती कदम, शादी के बाद से चल रहा था विवाद
  • रविंद्र नाथ टैगोर उच्च विद्यालय रैंखा में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ ने सीखी आपदा सुरक्षा
  • पठानकोट-भरमौर NH पर बड़ा हादसा : छतरी मोड़ के पास 800 फीट नीचे लुढ़की कार, दो घरों के चिराग बुझे
  • हिमाचल असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर भर्ती, SET-2026 पास भी कर सकेंगे आवेदन
  • हिमाचल में असिस्टेंट प्रोफेसर कॉलेज कैडर के पदों पर भर्ती शुरू, करें आवेदन
  • बड़सर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के पदों पर होगी भर्ती, 10वीं फेल को भी मौका
  • हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मैट्रिक और जमा दो अनुपूरक परीक्षाओं की तिथि की घोषित
  • भोरंज में अप्रेंटिस और ट्रेनी के 200 पदों के लिए होंगे साक्षात्कार, मिलेगी अच्छी सैलरी
  • हिमाचल मौसम अपडेट : रात 9 बजे तक कहां तेज बारिश, आंधी-तूफान का अनुमान, जानें

बड़े आंदोलन की तैयारी में सेब बागवान, शिमला में बनाई रणनीति

ewn24news choice of himachal 29 Nov,2022 2:38 am

    हिमाचल, कश्मीर, केरल के पूर्व विधायकों ने लिया भाग

    शिमला। हिमाचल के सेब बागवान सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। हिमाचल सेब उत्पादक संघ अन्य किसान संगठनों को संगठित करके सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने में जुट गया है। इसी कड़ी में आज शिमला में हिमाचल, कश्मीर, केरल के पूर्व विधायकों व विशेषज्ञों ने सेब बागवानी की चुनौतियों पर विचार साझा किए और भविष्य में बागवानी बचाने के लिए आंदोलन की रणनीति तैयार की।
    हिमाचल: खाई में गिरी कार, धू-धू कर जली-फौजी युवक ने ऐसे बचाई जान

    शिमला के रोटरी टाउन हॉल में सेब उत्पादकों ने सेब बागवानी को आगे ले जाने के लिए मंत्रणा की। ठियोग से सीपीआईएम विधायक व बागवान नेता राकेश सिंघा ने कहा कि जम्मू कश्मीर सबसे बड़ा सेब उत्पादक है। हिमाचल में बागवानी को आगे बढ़ाने के लिए जो शोध व कार्य किए जाने चाहिए थे वह नहीं हो पाए हैं।

    सरकार बागवानों को उनकी दशा पर छोड़ देती है। सरकार ने बागवानों के सामने आ रही चुनौतियों का आकलन आज तक नहीं किया। लेखकों और वैज्ञानिकों ने इस पर शोध व लेख लिखे हैं, जिसके माध्यम से सेब की खेती में आ रही चुनौतीयों को समझने की कोशिश की है। भविष्य में किसान संगठनों को साथ लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

    वहीं, कश्मीर से आए पूर्व विधायक मोहम्मद यूसुफ बताते हैं कि सेब उत्पादक राज्यों के सामने आज कई बड़ी चुनौतियां हैं। सरकार बागवानों की मांगों को अनदेखा कर रही है। बागवान लागत से भी कम कमा पाता है। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही बागवानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसान कर्ज के बोझ में दबे हैं। एक तरफ सरकारी पैसा ना होने के बात कहती है, दूसरी तरफ पूंजीपतियों के लाखों करोड़ कर्ज माफ किए गए हैं। सेब उत्पादक राज्यों को आज एकजुट होकर हक के लिए आवाज उठाने की जरूरत हैं।
    ... तो क्या डॉक्टर नहीं बन पाएगी सरोत्री की मेधावी निकिता चौधरी? 


    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें  

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather