Breaking News

  • हिमाचल : यौन उत्पीड़न व छेड़छाड़ मामलों में संलिप्त इन तीन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त
  • सोलन : हॉस्टल की बालकनी से कूदा निजी विश्वविद्यालय का छात्र-IGMC रेफर
  • पालमपुर में फिर आई सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती, इस बार भरे जाएंगे 120 पद
  • ITI मंडी में कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव : 26,500 रुपए तक वेतन के साथ मिलेगी कई सुविधाएं
  • ऑपरेटर्स और अप्रेंटिस के 100 पदों पर निकली भर्ती, हमीरपुर में होंगे इंटरव्यू
  • सेल्स एग्जीक्यूटिव और सेल्स मेनेजर के पदों पर भर्ती, घुमारवीं में 17 को इंटरव्यू
  • HPRCA : अध्यापकों की विभिन्न श्रेणियों के कुल 808 पदों पर भर्ती, करें आवेदन
  • कांगड़ा जिला के लिए फिर आ गई सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर की भर्ती
  • सरकाघाट छात्रा हत्याकांड : आरोपी अस्पताल में भर्ती, जांच में हुए कई खुलासे
  • CBSE : 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित, यहां चेक कर सकते हैं अपना परिणाम

पौष महीने की पहली एकादशी 19 को, भगवान विष्णु-मां लक्ष्मी के साथ करें तुलसी पूजा

ewn24news choice of himachal 18 Dec,2022 12:58 am

    सोमवार (19 दिसंबर) को पौष महीने की पहली एकादशी है। इसे सफला एकादशी कहा जाता है। कृष्ण पक्ष में आने वाली इस एकादशी का जिक्र महाभारत, पद्म, विष्णु और स्कंद पुराण में हुआ है। इस व्रत में भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए, साथ ही तुलसी पूजा करने का भी विधान है। ऐसा करने से व्रत का पूरा फल मिलता है।

    पौष मास की एकादशी होने से इस दिन उगते हुए सूरज की पूजा करने का विधान है। पौष महीने के स्वामी नारायण हैं। ये भगवान विष्णु का ही एक नाम हैइसलिए इस व्रत में नारायण रूप में भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

    SJVN ने प्रशिक्षुता प्रशिक्षण के लिए मांगे आवेदन, यह लास्ट डेट

    एकादशी पर व्रत-उपवास के साथ भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने की परंपरा है। इस दिन विष्णु जी की पूजा किसी भी रूप में कर सकते हैं। इनमें शालग्राम पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। दस अवतारों की भी पूजा कर सकते हैं। एकादशी पर तुलसी पूजा करने से मिलने वाला पुण्य कभी खत्म नहीं होता।
    भगवान विष्णु-लक्ष्मी पूजा विधि

    इस एकादशी पर सुबह और शाम, दोनों समय भगवान विष्णु-लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए। पूजा में पहले देवी लक्ष्मी फिर विष्णु जी का अभिषेक करना चाहिए। शंख में पानी और दूध भरकर अभिषेक करें। इसके बाद पंचामृत और शुद्ध जल से नहलाएं। फिर चंदन, अक्षत और फल-फूल सहित पूजन सामग्री अर्पित करें। धूप-दीप जलाएं। पूजा के बाद विष्णु जी को तुलसी पत्र जरूर चढ़ाएं।
    हिमाचल मौसम अपडेट: इन 5 जिलों में कोहरे और शीतलहर को लेकर अलर्ट 

    तुलसी-शालिग्राम पूजा विधि

    तुलसी-शालिग्राम को शुद्ध जल चढ़ाएं। फिर चंदन, अक्षत, मौली, वस्त्र, हार-फूल सहित अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप दर्शन करवाएं। मौसमी फल और मिठाई का नैवेद्य लगाएं। इसके बाद प्रणाम करें।

    सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त के पहले तुलसी के पौधे में जल चढ़ाकर प्रणाम करना चाहिए। इसके बाद गमले के पास घी का दीपक लगाएं फिर परिक्रमा करें। इस बात का खास ध्यान रखें कि सूर्यास्त होने के बाद तुलसी को न छूएं करें। गमले में तुलसी के पास भगवान शालिग्राम की मूर्ति भी रखनी चाहिए।
    उल्टी सैर के हैं बड़े फायदे : किडनी-बीपी के मरीजों को मिलेगा आराम

    ?feature=oembed" width="580" height="326" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen" data-origwidth="580" data-origheight="326" data-mce-fragment="1">
    CBSE की फेक वेबसाइट बनाकर हो रही ठगी, बोर्ड ने किया आगाह

    [embed]
    [/embed]
    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें  

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather