Breaking News

  • डिजिटल पुलिसिंग में नूरपुर पुलिस का दबदबा : ICJS सर्च में हिमाचल में नंबर-वन
  • ओम साईं यूथ करियर डिफेंस अकादमी : 6 युवाओं का अग्निवीर GD में चयन, 4 ने विभिन्न रेजिमेंट्स में गाड़े झंडे
  • कांगड़ा में चुनावी बवाल : झिकली इच्छी पंचायत में प्रधानी के चुनाव नतीजे के बाद भारी हंगामा
  • HPRCA ने घोषित किया JOA (लाइब्रेरी) परीक्षा का परिणाम, इस दिन होगी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
  • हिमाचल : जाहलमा पुल डैमेज, पांगी और लाहौल घाटी की 14 पंचायतों का केलांग-मनाली से संपर्क टूटा
  • बंगोली पंचायत में शुभम चौधरी 28 साल की उम्र में चुने प्रधान, जिंदर उपप्रधान
  • ज्वालामुखी : सिहोरपांई पंचायत चुनाव में कांता देवी प्रधान और अनूप चौहान बने उप-प्रधान
  • बिलासपुर : गरामोड़ा फोरलेन पर कार से 3 किलो से अधिक चरस बरामद, मंडी के 5 तस्कर गिरफ्तार
  • कुल्लू : चुनावी ड्यूटी से गायब रहना पड़ा महंगा, पोलिंग ऑफिसर को कारण बताओ नोटिस जारी
  • बिलासपुर : ससुराल में दामाद पर ससुर और साले ने बरसाए डंडे, थप्पड़-मुक्कों से पीटकर किया लहूलुहान

शिमला में 40 साल बाद फिर सुनाई देगी कॉल बेल, पढ़ें पूरी खबर

ewn24news choice of himachal 02 Dec,2022 5:42 pm

    150 साल पहले इंग्लैंड से लाई थी क्राइस्ट चर्च शिमला

    शिमला। ऐतिहासिक चर्च शिमला की कॉल बेल करीब 40 साल बाद एक बार फिर से लोगों को सुनाई देगी। बहुत से लोग शायद कॉल बेल को भूल चुके होंगे और इसकी ध्वनि से भी वाफिक नहीं होंगे।

    आपको बता दें कि क्राइस्ट चर्च को जहां शिमला की पहचान माना जाता है, वहीं इसमें प्रार्थना के लिए 150 साल पहले इंग्लैंड से लाई "कॉल बेल" का भी अपना ही महत्व है। कॉल बेल को प्रार्थना से पहले बजाया जाता है। लगभग 40 साल से यह बेल खराब पड़ी थी, जिसकी रिपेयर अब पूरी हो चुकी है। 25 दिसंबर को क्रिसमस और 31 दिसंबर न्यू ईयर के मौके पर यह कॉल बेल शिमला के लोगों को फिर से सुनाई देगी।

    SBI में इन पदों के लिए निकली भर्ती, जल्द करें ऑनलाइन आवेदन

    क्या है कॉल बेल
    कॉल बेल कोई साधारण घंटी नहीं है। यह मेटल से बने छह बड़े पाइप के हिस्से से बनी एक घंटी है। क्राइस्ट चर्च शिमला के पादरी सोहन लाल ने बताया कि घंटी के बजते ही इन पाइप पर संगीत के सात सुर की ध्वनि आती है। इन पाइप पर हथौड़े से आवाज होती है, जिसे रस्सी खींचकर बजाया जाता है। यह रस्सी मशीन से नहीं खींची जाती है, बल्कि हाथ से खींची जाती है। हर रविवार सुबह 11 बजे होने वाली प्रार्थना से पांच मिनट पहले यह बेल बजाई जाती है।
    कांगड़ा जिला में 13 केंद्रों पर होगी वोटों की गिनती, 209 टेबल लगेंगे

    उन्होंने बताया कि ब्रिटिश काल के समय अंग्रेजों के आवास=शिमला शहर में अलग अलग स्थानों पर होते थे। बेल के माध्यम से सूचित किया जाता था कि प्रार्थना शुरू होने वाली है। उस समय इसकी इसकी आवाज तारादेवी तक सुनाई देती थी। क्योंकि ब्रिटिश काल में मोबाइल फोन नहीं थे, इसलिए किसी दुखद घटना और आपातकाल की सूचना देने के लिए भी कॉल बेल का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उसकी ध्वनि अलग होती थी। 40 साल एक बार फिर से क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर रात 12 बजे इस बेल को बजाकर जश्न मनाया जाएगा।
    हिमाचल विस चुनाव: मतगणना से 3 दिन पहले तक नियुक्त कर सकते हैं एजेंट

    गौरतलब है कि 9 सितंबर 1844 में इस चर्च की नींव कोलकाता के बिशप डेनियल विल्सन ने रखी थी। 1857 में इसका काम पूरा हो गया। स्थापना के 25 साल बाद इंग्लैंड से इस बेल को शिमला लाया गया था। 1982 में यह बेल खराब हो गई थी, जिसे 40 साल बाद अब दोबारा ठीक करवाया गया।

    [embed]
    [/embed]
    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें  

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather