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पालमपुर में पशु चिकित्सा शिक्षकों ने की पेन डाउन स्ट्राइक

मांगें ना माने जाने तक हर काले बिल्ले लगाकर होगा विरोध

पालमपुर। चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान शिक्षक संघ ने आज से दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक की। यह स्ट्राइक छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ मोर्चा खोले पंजाब के डॉक्टरों के समर्थन में थी। संघ के सदस्यों ने सुबह 10 बजे से 12 बजे तक स्ट्राइक की। पेन डाउन स्ट्राइक आज एक दिन के लिए थी। अब आगे संघ काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताएगा। संघ का कहना है कि जब तक मामले सुलझ नहीं जाता है तब तक काले बिल्ले लगाकर विरोध होगा। संघ के सदस्यों ने इस बारे एक ज्ञापन भी कृषि विश्वविद्यालय अथॉरिटी को सौंपा।

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पेन डाउन स्ट्राइक के दौरान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. एस कटोच ने सदस्यों को पंजाब सरकार द्वारा लिए निर्णय से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि पंजाब के छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में एनपीए को 25 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने की बात कही गई है। साथ ही इसे मूल वेतन से अलग करने की बात भी है। यह सरासर डॉक्टरों से साथ धोखा है। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि आज दो घंटे पेन डाउन स्ट्राइक की है। साथ ही यूनिवर्सिटी अथॉरिटी को ज्ञापन भी सौंपा है।

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बता दें कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान शिक्षक संघ ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ मोर्चा खोले पंजाब के डॉक्टरों के समर्थन में आज से पेन डाउन स्ट्राइक का ऐलान किया था। संघ का मानना है कि हिमाचल प्रदेश का अपना वेतन आयोग नहीं है और मुख्य रूप से पंजाब पैटर्न को अपनाया जाता है, जिसे निकट भविष्य में राज्य में भी लागू किया जाएगा। पंजाब वेतन आयोग में की अनुशंसाओं का राज्य में भारी प्रभाव पड़ेगा, जिससे हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों के आर्थिक नुकसान के साथ मनोबल टूटेगा। इसलिए संघ पंजाब सरकार के फैसले की निंदा करता है और पंजाब के डॉक्टरों के संयुक्त परिसंघ को 25 फीसदी एनपीए की बहाली और इसे मूल वेतन के साथ जोड़ने के लिए अपना पूरा समर्थन दिखाता है।

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