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केंद्रीय कर्मियों का इंतजार खत्म, 17 से बढ़कर 28 फीसदी हुआ महंगाई भत्ता

कैबिनेट की बैठक में लिया गया फैसला, अनुराग ठाकुर ने की कैबिनेट ब्रीफिंग

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मियों के लिए आज कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला लिया गया है। 48 लाख से ज्यादा कर्मियों और 65 लाख रिटायर्ड लोगों का इंतजार खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ता व महंगाई राहत पर 18 माह से लगी रोक हटाने का निर्णय लिया गया।

कैबिनेट ब्रीफिंग करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि सरकारी कर्मियों को यह भत्ता एक जुलाई 2021 से मिलेगा। भत्ते की दर 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दी गई है। केंद्र सरकार के कार्मिकों के प्रतिनिधि समूह ‘नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम’ ने 26 जून को डीओपीटी और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे को संजीदगी से उठाया था। कोरोना के चलते जनवरी 2020 से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (17 प्रतिशत) बंद है। उस वक्त एलटीसी जैसे अन्य भत्तों पर भी रोक लगाई गई थी।

कर्मियों का डीए, मई 2020 में 21 प्रतिशत था, एक जुलाई 2021 को वह 31 फीसदी हो गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय आयुष मिशन 2025-26 तक जारी रहेगा। नागरिकों को इससे कई लाभ मिलेंगे। इसके तहत आयुष कॉलेजों के अलावा आयुष अस्पताल बनाए जाएंगे और पहले से मौजूद अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन, भारत के शिपिंग इंडस्ट्रीज को मजबूती देने और जहाजों के रजिस्ट्रेशन को प्रोत्साहन समेत कैबिनेट ने कई फैसले लिए हैं। इसके अलावा कैबिनेट ने कपड़ों के एक्‍सपोर्ट पर राज्‍य और केंद्रीय टैक्‍स और लेवी के रियायत को 31 मार्च, 2024 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही NEIFM (North Eastern Institute of Folk Medicine) का नाम बदलने की मंजूरी दे दी है जिसके बाद इसका नाम (as North Eastern Institute of Ayurveda & Folk Medicine Research) होगा।

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